देश-विदेश

महाराष्ट्र का मंत्रालय हुआ ‘स्मार्ट’, 1 अगस्त से ‘डिजिप्रवेश’ हुआ अनिवार्य…

Maharashtra's ministry becomes 'smart', 'Digipravesh' becomes mandatory from August 1

Breaking Today, Digital Desk : डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महाराष्ट्र का प्रशासनिक मुख्यालय, मंत्रालय, 1 अगस्त से पूरी तरह से स्मार्ट और आधार-आधारित प्रवेश प्रणाली ‘डिजिप्रवेश’ को अपना रहा है।[1] इस नई व्यवस्था के तहत, अब मंत्रालय में प्रवेश के लिए पारंपरिक पास की जगह पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया का पालन करना होगा, जो विशेष रूप से ‘डिजिप्रवेश’ ऐप के माध्यम से प्रबंधित की जाएगी।

यह अत्याधुनिक आगंतुक प्रबंधन प्रणाली सुरक्षा बढ़ाने और आगंतुक प्रवेश को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। पहले चरण में चेहरे की पहचान-आधारित प्रवेश प्रणाली शुरू की गई थी, और अब दूसरे चरण में, आगंतुक प्रबंधन प्रणाली (वीएमएस) विकसित की गई है।

कैसे काम करेगी यह नई प्रणाली?

मंत्रालय में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों को अब ‘डिजिप्रवेश’ ऑनलाइन ऐप के माध्यम से प्रवेश प्राप्त करना होगा। पंजीकरण के बाद, आगंतुकों को एक क्यूआर कोड प्राप्त होगा, जिसे मंत्रालय के प्रवेश काउंटर पर स्कैन करना होगा। इसके बाद उन्हें सुरक्षा सत्यापन के लिए एक आरएफआईडी एक्सेस कार्ड जारी किया जाएगा। यह कार्ड मंत्रालय के अंदर पहनना अनिवार्य है और बाहर निकलते समय इसे सुरक्षा काउंटर पर वापस करना होगा।

यह प्रणाली आगंतुक की पहचान को आधार-आधारित चेहरे की पहचान का उपयोग करके सत्यापित करती है। पूरी प्रक्रिया में तीन मिनट से भी कम समय लगता है, जिससे लंबी कतारों में इंतजार किए बिना परेशानी मुक्त प्रवेश सुनिश्चित होता है।

आगंतुकों के लिए नए नियम

आगंतुकों को अब ऐप के माध्यम से पंजीकरण करना होगा और एक वैध सरकारी पहचान पत्र प्रदान करना होगा। उन्हें केवल उन्हीं मंजिलों और विभागों तक पहुंचने की अनुमति होगी जिनके लिए उनकी नियुक्ति स्वीकृत है। अनधिकृत मंजिलों पर पहुंच पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग आगंतुकों की सुविधा के लिए, उन्हें दोपहर 12 बजे प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा, और सामान्य आगंतुकों को दोपहर 2 बजे के बाद प्रवेश की अनुमति होगी। जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है या जो डिजिटल रूप से साक्षर नहीं हैं, उनकी सहायता के लिए गार्डन गेट पर एक हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है।

डिजिटल गवर्नेंस की ओर एक बड़ा कदम

यह पहल डिजिटल इंडिया की सोच का समर्थन करती है, जिसका उद्देश्य नागरिक अनुभव में सुधार करना, जनशक्ति पर निर्भरता कम करना और संस्थागत पारदर्शिता को बढ़ाना है। ‘डिजिप्रवेश’ प्रणाली को लागू करके, अधिकारी आगंतुकों की संख्या की निगरानी करने, उनकी आवाजाही को ट्रैक करने और वास्तविक समय में सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे।

Related Articles

Back to top button