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डर का साया, थैलेसीमिया के बच्चों को खून चढ़ाने के बाद HIV, कौन जिम्मेदार…

Shadow of fear, children with thalassemia contract HIV after blood transfusion, who is responsible...

Breaking Today, Digital Desk : यह खबर झारखंड के लिए ही नहीं, पूरे देश के लिए चिंताजनक है। एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मेडिकल जगत में हड़कंप मचा दिया है। थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे 5 मासूम बच्चों को अस्पताल में खून चढ़ाने के बाद HIV पॉजिटिव पाया गया है। यह घटना झारखंड के साहिबगंज जिले में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार, ये बच्चे थैलेसीमिया के मरीज थे और उन्हें नियमित रूप से खून चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की जरूरत पड़ती थी। इन बच्चों के माता-पिता का दावा है कि उनके बच्चों को अस्पताल में खून चढ़ाया गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जब बच्चों की जांच कराई गई तो पता चला कि वे सभी HIV पॉजिटिव हैं।

इस खबर के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई? क्या ब्लड बैंक में खून की सही जांच नहीं की गई थी? या फिर ट्रांसफ्यूजन के दौरान किसी और स्तर पर चूक हुई है?

राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह समझना बेहद जरूरी है कि यह सिर्फ 5 बच्चों का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य प्रणाली में मौजूद संभावित कमियों की ओर इशारा करता है। थैलेसीमिया के मरीजों को नियमित रूप से खून की जरूरत होती है, ऐसे में उन्हें सुरक्षित और जांचा-परखा खून मिलना उनका अधिकार है।

इस घटना ने उन सभी माता-पिता को भी डरा दिया है जिनके बच्चे थैलेसीमिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें अक्सर खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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