
Breaking Today, Digital Desk : महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, और इस बार मुद्दा बना है INDIA गठबंधन की बैठक में उद्धव ठाकरे का कथित अपमान. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए सवाल उठाया है कि क्या गठबंधन में उनकी यही कीमत रह गई है. यह पूरा विवाद मुंबई में हुई INDIA गठबंधन की तीसरी बैठक के दौरान का है, जहाँ एक ग्रुप फोटो सेशन में उद्धव ठाकरे को पीछे की कतार में जगह मिली थी.
शिंदे गुट के इस कटाक्ष ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. शिंदे कैंप का आरोप है कि जो उद्धव ठाकरे कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे और जिनकी राजनीति बालासाहेब ठाकरे की विरासत से जुड़ी है, उन्हें आज विपक्षी गठबंधन में नजरअंदाज किया जा रहा है. उनका कहना है कि यह न केवल उद्धव ठाकरे का अपमान है, बल्कि यह भी दिखाता है कि INDIA गठबंधन में उन्हें कोई खास महत्व नहीं दिया जा रहा है.
इस मामले पर शिंदे गुट के विधायक संजय शिरसाट ने कहा, “बालासाहेब ठाकरे हमेशा सामने की पंक्ति में बैठते थे, चाहे कोई भी कार्यक्रम हो. उद्धव ठाकरे, जो खुद को उनका असली उत्तराधिकारी बताते हैं, आज गठबंधन की बैठक में पीछे खड़े होने को मजबूर हैं. यह देखकर दुख होता है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उद्धव ठाकरे को आत्मचिंतन करना चाहिए कि आखिर कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल उन्हें कितना सम्मान दे रहे हैं.
हालांकि, इस मामले पर उद्धव ठाकरे गुट की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि शिंदे गुट को अपनी चिंता करनी चाहिए. उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे का कद किसी बैठक में आगे या पीछे बैठने से तय नहीं होता और वह INDIA गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच अपनी असली पहचान और बालासाहेब ठाकरे की विरासत को लेकर राजनीतिक और कानूनी लड़ाई जारी है. इस नए विवाद ने दोनों खेमों के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है, और आने वाले चुनावों में इसका असर दिखना तय है.






