
Breaking Today, Digital Desk : तेलंगाना के मंचेरियल जिले के चेन्नूर कस्बे में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा में एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. यहां काम करने वाला एक कैशियर कथित तौर पर लगभग 14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर फरार हो गया है, जिसमें 13 करोड़ रुपये का सोना और एक करोड़ रुपये की नकदी शामिल है. इस घटना के सामने आने के बाद से बैंक ग्राहकों में भारी आक्रोश और बेचैनी का माहौल है.
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब 21 और 22 अगस्त को बैंक में एक नियमित ऑडिट किया गया. ऑडिट के दौरान, गिरवी रखे गए सोने और नकदी के रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां पाई गईं. जांच में पता चला कि लगभग 20 किलोग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत 13 करोड़ रुपये है, और एक करोड़ रुपये नकद बैंक से गायब हैं. यह सोना ज्यादातर उन ग्राहकों का था जिन्होंने गोल्ड लोन के बदले इसे बैंक में गिरवी रखा था.
घोटाले का मुख्य आरोपी बैंक का कैशियर एन. रविंदर है, जो जयपुर मंडल के सेत्तिपल्ली गांव का निवासी बताया जा रहा है. घटना के खुलासे के बाद से ही रविंदर फरार है. पुलिस ने रविंदर और इस मामले से जुड़े छह अन्य लोगों को पकड़ने के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया है. इस सिलसिले में अब तक बैंक के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
इस खबर के फैलते ही बैंक के बाहर ग्राहकों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने अपना गिरवी रखा सोना वापस करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, बैंक के महाप्रबंधक और क्षेत्रीय प्रबंधक मौके पर पहुंचे और ग्राहकों को आश्वासन दिया कि 440 ऋण खाताधारकों का सोना वापस करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र राव ने कहा है कि आरोपियों का पता लगाने के लिए चौबीसों घंटे प्रयास किए जा रहे हैं. चेन्नूर पुलिस ने बैंक अधिकारियों की शिकायत पर कैशियर समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है. यह घटना जिले के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक मानी जा रही है, जिसने बैंक की सुरक्षा और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.






