
Breaking Today, Digital Desk : अक्सर विवादों में रहने वाले समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है. करीब 27 महीने जेल में बिताने के बाद बाहर आए आजम खान के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी थीं. क्या वह समाजवादी पार्टी छोड़ देंगे? क्या बसपा में शामिल होंगे? ऐसे कई सवाल हवा में तैर रहे थे, जिन पर अब आजम खान ने खुद विराम लगा दिया है.
‘मैं बिकाऊ नहीं!’
जेल से बाहर आने के बाद, आजम खान ने मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया कि वह समाजवादी पार्टी (SP) के साथ ही रहेंगे. उन्होंने उन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें उनके बसपा (BSP) में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं. आजम खान ने दमदार लहजे में कहा, “मैं बिकाऊ नहीं हूं, और न ही मैं बिकने वालों में से हूं.” उनके इस बयान से उन लोगों को झटका लगा है, जो उनके पार्टी बदलने की उम्मीद कर रहे थे.
अखिलेश यादव से नाराजगी की खबरें…
आजम खान की रिहाई के बाद से ही खबरें आ रही थीं कि वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं. जेल में रहने के दौरान अखिलेश यादव द्वारा उनसे मुलाकात न करने या उनके समर्थन में खुलकर सामने न आने की बात पर कई तरह की चर्चाएं थीं. हालांकि, आजम खान ने इन सभी खबरों को भी खारिज करते हुए कहा कि उनकी नाराजगी की बातें सिर्फ ‘फालतू’ हैं और उनका ध्यान इस वक्त रामपुर विधानसभा क्षेत्र पर है. उन्होंने साफ किया कि वह समाजवादी पार्टी के एक वफादार सिपाही हैं और हमेशा रहेंगे.
रामपुर में आजम खान का जलवा
आजम खान का रामपुर में एक खास जनाधार है. वह यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं और उनका प्रभाव आज भी बरकरार है. उनकी रिहाई के बाद से रामपुर में उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है. यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी वापसी से समाजवादी पार्टी को आने वाले चुनावों में कितना फायदा मिलता है.
आजम खान का राजनीतिक सफर
आजम खान का राजनीतिक सफर काफी लंबा और उतार-चढ़ाव भरा रहा है. वह नौ बार विधायक और एक बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला है. उनकी पहचान एक मुखर और बेबाक नेता के तौर पर रही है.






