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प्रो-फिलिस्तीनी प्रदर्शनों का वो चेहरा जिसकी कहानी आपको हैरान कर देगी…

The face of pro-Palestinian protests whose story will surprise you.

Breaking Today, Digital Desk : क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ आवाज़ उठाने की वजह से किसी की ज़िंदगी कितनी बदल सकती है? महमूद खलील, कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक छात्र, की कहानी कुछ ऐसी ही है. फिलिस्तीन के समर्थन में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होना उन्हें इतना भारी पड़ा कि उन्हें अमेरिका से सीरिया वापस भेज दिया गया. एक ऐसे देश में जहां उनका जन्म भले ही हुआ हो, लेकिन जिसे वो ठीक से जानते भी नहीं.

अल्जीरिया से सीरिया का लंबा रास्ता

मई में जब कोलंबिया यूनिवर्सिटी के कैंपस में तनाव बढ़ा हुआ था, महमूद खलील शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का हिस्सा थे. प्रदर्शन खत्म होने के बाद, अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और फिर उनका छात्र वीज़ा रद्द कर दिया गया. उन्हें बताया गया कि उन्हें अल्जीरिया डिपोर्ट किया जाएगा, जहां वो बड़े हुए थे. लेकिन, वहां पहुंचकर उन्हें अचानक सीरिया के लिए एक उड़ान में बिठा दिया गया. उनके लिए यह एक चौंकाने वाला अनुभव था, क्योंकि सीरिया में उन्होंने सिर्फ अपने शुरुआती चार साल ही बिताए थे. उनकी पूरी ज़िंदगी अल्जीरिया में थी, जहां उनके माता-पिता और बाकी परिवार रहता है.

एक नए देश में अकेलापन

अब महमूद सीरिया में हैं, अपने परिवार से दूर, बिना किसी जान-पहचान के. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे यहाँ कोई नहीं जानता.” उनके वकील, जिन्होंने इस मामले में मदद करने की कोशिश की, भी हैरान हैं कि उन्हें सीरिया क्यों भेजा गया. यह एक ऐसा फैसला है जो कई सवाल खड़े करता है. क्या यह सिर्फ एक प्रशासनिक गलती है, या फिर इसके पीछे कोई और वजह है?

महमूद का मामला कई छात्रों और कार्यकर्ताओं के लिए एक चेतावनी की तरह है. खासकर उन लोगों के लिए जो किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं और उसके लिए आवाज़ उठाते हैं. यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की कीमत इतनी बड़ी हो सकती है कि आपको अपने जीवन और परिवार से दूर कर दिया जाए?

महमूद खलील की कहानी सिर्फ एक छात्र की नहीं है, बल्कि यह उन सभी अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की है जो विदेश में शिक्षा प्राप्त करते हुए अपनी राजनीतिक राय रखते हैं. उनकी सुरक्षा और उनके अधिकारों का क्या होगा? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब मिलना बाकी है.

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