
Breaking Today, Digital Desk : अच्छी सेहत के लिए सिर्फ अच्छा खाना-पीना ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी है. हम में से ज्यादातर लोग रोज नहाते हैं और साफ कपड़े पहनते हैं, लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जिन पर हमारा ध्यान कम ही जाता है, जैसे हमारी चादरें, तकिए और अंडरवियर. क्या आप जानते हैं कि इन्हें कब और कितनी बार धोना चाहिए? या आपके तकिए को कब बदल देना चाहिए? आइए, इस बारे में विशेषज्ञों की राय जानते हैं.
चादरें: हफ्ते में एक बार धोना जरूरी
कई त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, बिस्तर की चादरों को हर हफ्ते धोना सबसे अच्छा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि जब हम सोते हैं, तो हमारे शरीर से पसीना, तेल और मृत त्वचा कोशिकाएं निकलती हैं, जो चादरों में जमा हो जाती हैं. यह गंदगी बैक्टीरिया और धूल के कण (dust mites) के लिए प्रजनन स्थल बन सकती है, जिससे एलर्जी, अस्थमा और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. यदि आपके घर में पालतू जानवर हैं जो आपके बिस्तर पर सोते हैं, तो आपको और भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.
अंडरवियर: हर इस्तेमाल के बाद धोएं
यह एक ऐसी चीज है जिसे लेकर कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए. अंडरवियर को हर एक इस्तेमाल के बाद धोना अनिवार्य है. अंडरवियर हमारे शरीर के उन हिस्सों के संपर्क में आते हैं जहां बैक्टीरिया पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इन्हें दोबारा पहनने से फंगल इन्फेक्शन और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. हमेशा सौम्य डिटर्जेंट का उपयोग करें और इन्हें अच्छी तरह से सुखाएं.
तकिए: कब कहें अलविदा?
यह सवाल थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसका एक आसान सा नियम है. विशेषज्ञों का मानना है कि तकियों को हर 1 से 2 साल में बदल देना चाहिए. समय के साथ, तकियों में मृत त्वचा कोशिकाएं, धूल के कण और उनके मल जमा हो जाते हैं, जो एलर्जी का कारण बन सकते हैं.
एक आसान तरीका यह जांचने का है कि आपका तकिया बदलने लायक है या नहीं, उसे आधा मोड़ें और हवा को बाहर निकालें. अगर वह अपनी असली शेप में वापस नहीं आता है, तो यह एक नया तकिया खरीदने का समय है. इसके अलावा, अगर तकिए से बदबू आ रही है या उस पर दाग-धब्बे पड़ गए हैं जो धोने से भी नहीं जा रहे हैं, तो उसे तुरंत बदल दें.
तकिए के कवर को भी न भूलें
तकिए को साफ रखने के लिए, उसके कवर को हर हफ्ते अपनी चादरों के साथ धोना एक अच्छी आदत है. यह तकिए को पसीने, तेल और गंदगी से बचाने में मदद करता है, जिससे उसकी उम्र भी बढ़ जाती है.
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप न केवल अपने बिस्तर को आरामदायक बनाए रख सकते हैं, बल्कि कई तरह की बीमारियों और एलर्जी से भी अपना बचाव कर सकते हैं.






