Sliderझकझकी

क्या सही था दादी का ये कदम, 3 महीने की खामोशी और एक अटपटा नियम…

Was this step of the grandmother right, 3 months of silence and a strange rule...

Breaking Today, Digital Desk : आजकल रिश्तों में दूरियां और मजबूरियां आम हो गई हैं। ऐसा ही कुछ हुआ एक परिवार के साथ, जहां दादी ने अपने पोते-पोतियों को संभालने से मना कर दिया। वजह जानकर आप भी शायद हैरान रह जाएंगे, और सोचेंगे कि क्या वाकई ऐसा करना सही था?

दरअसल, इस दादी ने अपने घर में एक नियम बनाया था कि पिछले तीन महीनों से उनके घर कोई मिलने नहीं आया था। उनके बच्चे, पोते-पोतियां, रिश्तेदार – कोई भी उनसे मिलने नहीं आया। इस अकेलेपन और उपेक्षा से आहत होकर दादी ने एक कड़ा फैसला ले लिया।

जब उनके बेटे या बेटी ने उनसे बच्चों को संभालने के लिए कहा, तो दादी का जवाब साफ था: “अगर पिछले तीन महीनों से मेरे घर कोई मिलने नहीं आया, तो मैं भी किसी के बच्चों को नहीं संभालूंगी।” यह बात उन्होंने शायद बड़े दुख और निराशा में कही होगी। वीडियो में उनकी बात सुनकर कई लोग भावुक हो गए।

सोचिए, एक दादी जिसे अपने पोते-पोतियों से मिलने, खेलने और बातें करने का कितना इंतजार रहता होगा, उसे ये सब कहने की नौबत क्यों आई? शायद उन्हें लगा कि जब कोई उनकी परवाह नहीं कर रहा, तो वो क्यों दूसरों की जिम्मेदारी उठाएं। यह सिर्फ बच्चों को न संभालने की बात नहीं थी, बल्कि उनके अकेलेपन, उपेक्षा और अनदेखी का दर्द था जो उनके शब्दों में झलका।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपनों के लिए समय निकालना भूल जाते हैं। खासकर बड़े-बुजुर्ग, जो घर में अकेले रहते हैं, उन्हें हमारी कंपनी और प्यार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इस घटना से हमें यह सीखने को मिलता है कि हमें अपने परिवार, खासकर बड़े-बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। सिर्फ काम पड़ने पर ही नहीं, बल्कि उनके सुख-दुख में साथ रहना चाहिए।

इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर खूब हलचल मचाई है और लोग इस पर तरह-तरह की राय दे रहे हैं। कुछ लोग दादी के फैसले को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे गलत बता रहे हैं। लेकिन एक बात तो तय है, इस घटना ने हमें रिश्तों की अहमियत और अपनों को समय देने की जरूरत को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है।

Related Articles

Back to top button