केंद्रीय मंत्री के ही घर में पानी का संकट, जनता गंदा पानी पीने को मजबूर…
Water crisis in the house of the Union Minister, people forced to drink dirty water, Chairman appeals to DM

Breaking Today, Digital Desk : एक तरफ जहां केंद्र सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए ‘हर घर जल’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय वन और विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के अपने ही गृह क्षेत्र में लोग गंदा पानी पीने को विवश हैं। गोंडा जिले के मनकापुर नगर पंचायत के शास्त्री नगर और गांधीनगर मोहल्ले में पिछले कई महीनों से नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
यह इलाका केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का निवास स्थान भी है, और उनके घर के पास बसे लोग ही बूंद-बूंद साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। परेशान होकर नगर पंचायत के चेयरमैन दुर्गेश कुमार सोनी और सभासदों ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन से मिलकर इस गंभीर समस्या पर अपनी गुहार लगाई है। उन्होंने डीएम को एक शिकायती पत्र सौंपकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और तत्काल स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
विकास के नाम पर मिली मुसीबत
डीएम को दिए गए पत्र में बताया गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले लगभग एक साल से जल निगम द्वारा पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है, जो अब तक अधूरा है। आरोप है कि काम करने वाले ठेकेदार और अधिकारी बार-बार बहाने बनाकर काम को टाल रहे हैं। खुदाई के दौरान पुरानी पाइपलाइनों में कई जगहों पर लीकेज हो गया है, जिससे नलों में गंदा पानी पहुंच रहा है। स्थिति यह है कि नलों से पानी के साथ-साथ कचरा भी आ रहा है, जो किसी भी समय गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है।
डीएम से भी नहीं मिला समाधान
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ में भी जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन तीन-चार दिन बीत जाने के बाद भी जल निगम या नगर पंचायत का कोई भी अधिकारी मौके पर इस समस्या का समाधान करने नहीं पहुंचा। पूर्व सभासद भगवत शरण गुप्ता ने कहा कि मोहल्ले के लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस मामले ने केंद्रीय मंत्री के क्षेत्र में विकास के दावों की पोल खोल दी है और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






