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जब भोजन से उठ जाए मन, तो हल्के में न लें ये संकेत…

When you lose interest in food, do not take these signs lightly

Breaking Today, Digital Desk : क्या आपको भी ऐसा महसूस हो रहा है कि आपकी पसंदीदा डिश भी आपको आकर्षित नहीं कर रही? जहाँ पहले आप बड़े चाव से खाना खाते थे, वहीं अब खाने की इच्छा ही नहीं होती। अगर यह समस्या कुछ दिनों से है, तो शायद यह मौसम में बदलाव या मामूली तनाव का असर हो सकता है। लेकिन अगर लंबे समय से आपकी भूख कम हो गई है, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं, क्योंकि यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।

क्यों कम हो जाती है भूख?

भूख न लगना, जिसे चिकित्सकीय भाषा में एनोरेक्सिया (Anorexia) कहते हैं, अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में चल रही किसी और समस्या का एक लक्षण है। इसके पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं।

आम और अस्थायी कारण

कई बार भूख में कमी का कारण बहुत सामान्य होता है और चिंता की बात नहीं होती। ये कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है। इसके कुछ मुख्य कारण हैं:

संक्रमण: सर्दी-जुकाम, फ्लू या पेट का संक्रमण (Gastroenteritis) होने पर भूख मर जाती है, लेकिन जैसे ही आप ठीक होने लगते हैं, भूख वापस लौट आती है।

तनाव और चिंता: किसी परीक्षा, इंटरव्यू या व्यक्तिगत परेशानी के कारण होने वाला तनाव सीधे आपकी भूख पर असर डालता है।

दवाओं का साइड इफेक्ट: कुछ एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक या अन्य दवाएं अस्थायी रूप से भूख कम कर सकती हैं।

पाचन संबंधी समस्या: अपच, कब्ज या एसिडिटी होने पर भी खाने का मन नहीं करता।

गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जो हो सकती हैं वजह

अगर भूख न लगने की समस्या हफ्तों या महीनों तक बनी रहे और साथ में वजन भी कम हो रहा हो, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

पाचन तंत्र की बीमारियाँ: लंबे समय तक पेट में सूजन (Gastritis), अल्सर, लिवर या किडनी की समस्या भूख को खत्म कर सकती है।

हार्मोनल असंतुलन: थायरॉइड का कम या ज्यादा काम करना (Hypothyroidism/Hyperthyroidism) भी भूख को प्रभावित कर सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य: डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भूख पर गहरा असर डालती हैं। डिप्रेशन में अक्सर व्यक्ति की खाने में रुचि खत्म हो जाती है।

पुरानी बीमारियाँ: डायबिटीज, हार्ट फेलियर, क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी लंबी बीमारियों में भी भूख में कमी देखी जाती है।

कैंसर: कुछ मामलों में, विशेषकर पेट, अग्न्याशय या कोलन के कैंसर में, भूख न लगना शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकता है।

क्रॉनिक इन्फेक्शन: टीबी (Tuberculosis) या एचआईवी जैसे संक्रमण में शरीर की सारी ऊर्जा बीमारी से लड़ने में लग जाती है, जिससे भूख स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है।

डॉक्टर से कब मिलना है जरूरी?

यदि आपको भूख न लगने के साथ-साथ नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

बिना किसी कारण के तेजी से वजन घटना।

लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।

पेट में दर्द, मतली या उल्टी होना।

सांस लेने में तकलीफ या दिल की धड़कन का अनियमित होना।

बुखार रहना।

क्या करें?

सबसे पहला और जरूरी कदम है डॉक्टर से सलाह लेना ताकि भूख न लगने का सही कारण पता चल सके। सही निदान के बाद ही उचित इलाज संभव है। इसके अलावा, जीवनशैली में कुछ छोटे बदलाव करके भी आप अपनी भूख में सुधार ला सकते हैं:

एक बार में ज्यादा खाने की बजाय दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में 5-6 बार खाएं।

अपने भोजन में हाई-प्रोटीन और फाइबर युक्त चीजें शामिल करें।

पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं, लेकिन भोजन से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पीने से बचें।

नियमित रूप से हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या योग करें।

पर्याप्त नींद लें क्योंकि यह आपके मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखती है।

याद रखें, आपका शरीर आपको संकेत देता है।  भूख का कम होना भी एक ऐसा ही संकेत है, जिसे सही समय पर समझना और उस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

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