
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में पश्चिम बंगाल के नाकराकाटा में हुई घटना ने राज्य की चुनावी राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। इस घटना को अब बीजेपी अपने चुनावी अभियान का एक अहम हिस्सा बना रही है और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पुरजोर तरीके से उठाया है। प्रधानमंत्री ने अमित शाह के उस ‘1200 नेताओं’ वाले अभियान को भी अपना पूरा समर्थन दिया है, जिसका मकसद बंगाल में पार्टी को और मजबूत करना है।
नाकराकाटा में जो कुछ हुआ, उसे बीजेपी अब एक ‘रैलिंग क्राई’ यानी एकजुट होने का नारा बना चुकी है। पार्टी का मानना है कि यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे को उजागर करती है, जिस पर वे मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैलियों में इस घटना का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है और लोगों से बदलाव की अपील की है।
अमित शाह की ‘1200 नेताओं’ वाली रणनीति भी काफी महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि बीजेपी बंगाल के हर कोने से 1200 ऐसे जमीनी स्तर के नेताओं को तैयार कर रही है, जो सीधे जनता से जुड़कर पार्टी का संदेश उन तक पहुंचा सकें। प्रधानमंत्री का इस रणनीति को समर्थन देना दिखाता है कि बीजेपी इस बार बंगाल में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और हर स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि नाकराकाटा की घटना और ‘1200 नेताओं’ की यह रणनीति पश्चिम बंगाल के आने वाले चुनावों में क्या असर डालती है। क्या यह बीजेपी को एक मजबूत स्थिति में लाएगी, या फिर राज्य की राजनीति एक अलग ही करवट लेगी? आने वाले समय में यह साफ हो जाएगा।





