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यहां आते ही क्यों हो, सिद्धारमैया के इस बयान पर क्यों मचा बवाल…

Why do you come here, why is there an uproar over Siddaramaiah's statement...

Breaking Today, Digital Desk : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अभी हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है, जिसकी वजह से पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. सिद्धारमैया ने एक कार्यक्रम में उत्तर भारतीयों को लेकर यह कहा है कि उन्हें दक्षिण भारत नहीं आना चाहिए. इसकी बजाय उन्हें अपने घरों में रहकर काम करना चाहिए. इसके बाद उनका यह बयान चर्चा में आ गया है. यह पहली बार नहीं है, जब सिद्धारमैया ने इस तरह का कोई बयान दिया है. इससे पहले भी वह दक्षिण भारत में उत्तर भारतीयों के आने को लेकर बयान दे चुके हैं.
सिद्धारमैया का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ ही दिनों बाद 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं. इनमें कर्नाटक की चार सीटें भी शामिल हैं. सिद्धारमैया का यह बयान ऐसे समय में आना यह साफ करता है कि कहीं न कहीं वह इन चुनावों को साधना चाहते हैं. यह कोई पहला मौका नहीं है जब दक्षिण भारत में हिंदी को लेकर या उत्तर भारतीयों को लेकर इस तरह का कोई बयान दिया गया हो.
हमेशा से दक्षिण भारत में हिंदी का विरोध किया जाता रहा है. इसका मुख्य कारण यह है कि दक्षिण भारत में राज्यों का मानना है कि हिंदी को उन पर थोपा जा रहा है. अगर हिंदी को दक्षिण भारत में बढ़ावा दिया जाएगा, तो इससे उनकी संस्कृति और उनकी भाषा पर नकारात्मक असर पड़ेगा. साथ ही इसका असर उनकी राजनीति पर भी पड़ सकता है, जिसकी वजह से वह शुरू से ही हिंदी का विरोध करते आए हैं.
अगर हिंदी को पूरे भारत में लागू कर दिया जाता है, तो दक्षिण भारत के लोगों को ऐसा लगेगा कि उनकी संस्कृति और उनकी पहचान खतरे में आ गई है, जिसकी वजह से वह हमेशा इसका विरोध करते आए हैं. उनका मानना है कि हिंदी को उन पर जबरदस्ती थोपा जा रहा है. इसी कारण समय-समय पर हिंदी को लेकर दक्षिण भारत में विवाद होता रहा है.
सिद्धारमैया के बयान को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. उनके बयान का मुख्य कारण आगामी राज्यसभा चुनाव और हमेशा से हिंदी का विरोध रहा है. उनके बयान को लेकर पूरे देश में निंदा की जा रही है. सभी का कहना है कि राजनेताओं को इस तरह का बयान देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे देश की एकता और अखंडता पर नकारात्मक असर पड़ता है.
अगर यह बयान पूरे देश में फैलता है, तो इससे लोगों के बीच दूरियां बन सकती हैं. यह देश को बांटने वाला बयान भी हो सकता है, जिसकी वजह से इसकी निंदा की जा रही है.

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