Sliderअन्य

ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं की बीमारी नहीं, पुरुषों को भी रहना होगा सावधान…

Breast cancer is not just a disease of women, men also have to be careful...

Breaking Today, Digital Desk : पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। यह सुनकर शायद आपको थोड़ी हैरानी हो, क्योंकि आमतौर पर हम ब्रेस्ट कैंसर को महिलाओं से जोड़कर देखते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि पुरुषों में भी स्तन ऊतक होते हैं, और उनमें कैंसर विकसित होने की संभावना रहती है, भले ही यह महिलाओं की तुलना में काफी कम हो।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अक्सर इसके लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है या गलत समझा जाता है। जितनी जल्दी इसका पता चलता है, इलाज उतना ही प्रभावी होता है।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण महिलाओं के समान ही होते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • स्तन में गांठ: यह सबसे आम लक्षण है। यह गांठ अक्सर दर्द रहित होती है और स्तन के निप्पल के पास महसूस हो सकती है।

  • निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर धंस जाना, निप्पल से खून या अन्य तरल पदार्थ का निकलना, या निप्पल के आसपास की त्वचा में लालिमा या पपड़ी का दिखना।

  • स्तन की त्वचा में बदलाव: स्तन की त्वचा का लाल होना, डिंपल पड़ना (जैसे संतरे के छिलके जैसा), या मोटी होना।

  • कांख में सूजन या गांठ: कैंसर लिम्फ नोड्स में फैलने के कारण कांख (बगल) में गांठ या सूजन महसूस हो सकती है।

यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शर्मिंदगी या डर के कारण इसे टालें नहीं।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कारण और जोखिम कारक:

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के सटीक कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होते हैं, लेकिन कुछ जोखिम कारक इसकी संभावना बढ़ा सकते हैं:

  • उम्र: बढ़ती उम्र के साथ जोखिम बढ़ता है, खासकर 60-70 साल की उम्र के बाद।

  • परिवार का इतिहास: यदि आपके परिवार में किसी पुरुष या महिला को ब्रेस्ट कैंसर हुआ है, तो आपका जोखिम बढ़ सकता है।

  • आनुवंशिक उत्परिवर्तन: BRCA1 और BRCA2 जैसे जीन में उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) जोखिम बढ़ा सकते हैं।

  • रेडिएशन एक्सपोजर: छाती पर पहले कभी रेडिएशन थेरेपी लेने से।

  • एस्ट्रोजन का उच्च स्तर: कुछ दवाएं, मोटापा या लीवर की बीमारी जैसी स्थितियां शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ा सकती हैं।

  • क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम: यह एक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति है जिसमें पुरुषों में अतिरिक्त X क्रोमोसोम होता है, जिससे एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है।

  • अल्कोहल का अत्यधिक सेवन: शराब का ज़्यादा सेवन भी एक जोखिम कारक हो सकता है।

निदान और उपचार:

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का निदान मैमोग्राम, अल्ट्रासाउंड, बायोप्सी और अन्य इमेजिंग टेस्ट के ज़रिए किया जाता है। उपचार के विकल्प कैंसर के चरण और प्रकार पर निर्भर करते हैं और इसमें सर्जरी (जैसे मास्टेक्टॉमी), रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी शामिल हो सकती हैं।

संदेश:

यह समझना बहुत ज़रूरी है कि पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। अपने शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव पर ध्यान दें और अगर आपको कोई असामान्य लक्षण दिखता है, तो बिना किसी झिझक के डॉक्टर से बात करें। शुरुआती पहचान जीवन बचा सकती है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और नियमित जांच करवाते रहें।

Related Articles

Back to top button