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क्या वाकई RSS असंवैधानिक, कर्नाटक में शुरू हुई बहस जिसका असर पूरे देश पर…

Is RSS really unconstitutional, The debate started in Karnataka and its impact will affect the entire country...

Breaking Today, Digital Desk : कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर चल रही बहस अब गरमा गई है. राज्य के मंत्री प्रियांक खरगे ने बीजेपी नेता बी.वाई. विजयेंद्र को इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस के लिए चुनौती दी है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम से RSS के संस्थापक हेडगेवार से जुड़े अध्यायों को हटाने का फैसला किया.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पिछली बीजेपी सरकार ने स्कूली किताबों में RSS के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के भाषणों और विचारों को शामिल किया था. कांग्रेस ने इसे नागपुर (RSS का मुख्यालय) के एजेंडे को बढ़ावा देना बताया और सत्ता में आते ही इन बदलावों को पलटने का फैसला किया. प्रियांक खरगे का कहना है कि RSS एक “असंवैधानिक” संगठन है और इसके विचारों को शिक्षा प्रणाली में जगह नहीं मिलनी चाहिए.

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी ने कांग्रेस के इस कदम की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि कांग्रेस इतिहास को विकृत कर रही है और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही है. बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार इतिहास के साथ खिलवाड़ कर रही है और यह कन्नड़ गौरव और संस्कृति पर हमला है. उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या वे टीपू सुल्तान जैसे शासकों से जुड़े अध्यायों को भी हटाएंगे, जिन्होंने कन्नड़ लोगों पर अत्याचार किए.

बहस की चुनौती

इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रियांक खरगे ने विजयेंद्र को सार्वजनिक बहस के लिए चुनौती दे दी. खरगे ने कहा, “अगर विजयेंद्र को लगता है कि RSS ने देश के लिए कुछ अच्छा किया है, तो मैं उन्हें किसी भी मंच पर, किसी भी समय बहस के लिए आमंत्रित करता हूं. हम तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करेंगे.”

आगे क्या?

यह देखना दिलचस्प होगा कि विजयेंद्र इस चुनौती को स्वीकार करते हैं या नहीं. फिलहाल, यह विवाद कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है. इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट्स में बताएं.

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