
Breaking Today, Digital Desk : कल दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर एक खास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। ये प्रदर्शनी उन तीन नए कानूनों के बारे में थी जो अब हमारे देश में लागू हो चुके हैं। शाह ने इस मौके पर कहा कि इन कानूनों का मकसद देश के हर नागरिक को समय पर और आसानी से न्याय दिलाना है।
उन्होंने साफ तौर पर बताया कि ये नए कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’, ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ और ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम’ पुराने पड़ चुके ब्रिटिश-युग के कानूनों की जगह लेंगे। उनका कहना था कि पहले के कानून सजा देने पर ज्यादा जोर देते थे, लेकिन ये नए कानून न्याय देने और लोगों की भलाई पर ध्यान देंगे।
शाह ने जोर देकर कहा कि इन कानूनों को बनाने में खूब सोचा-विचारा गया है। करीब चार साल तक गहन विचार-विमर्श चला, जिसमें सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, अलग-अलग राज्यों और कानून विशेषज्ञों से सलाह ली गई। इतना ही नहीं, पुलिस अधिकारी, वकील और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों के सुझाव भी लिए गए। उनका मानना है कि इतनी चर्चा के बाद बने ये कानून यकीनन हमारे समाज के लिए बेहतर साबित होंगे।
उन्होंने ये भी उम्मीद जताई कि अब किसी भी तरह के अपराध में न्याय मिलने में ज्यादा देरी नहीं होगी। आम आदमी को कोर्ट-कचहरी के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और इंसाफ तक उसकी पहुंच आसान हो जाएगी।
ये देखना दिलचस्प होगा कि ये नए कानून जमीनी स्तर पर कैसे काम करते हैं और क्या वाकई ये भारत की न्याय प्रणाली में एक बड़ा बदलाव ला पाएंगे।




