
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चों से जुड़े एक कानूनी मामले में वसीयतनामे को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इस मामले में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। बच्चों की तरफ से उनके वकील ने कोर्ट में साफ-साफ कहा है कि संजय कपूर जैसा इंसान, जो अपने फैसलों को लेकर हमेशा स्पष्ट रहा है, वो कभी ऐसी वसीयत पर दस्तखत नहीं कर सकता, जब तक कि उसकी मानसिक हालत ठीक न हो।
वकील का कहना है कि संजय कपूर एक समझदार और सुलझे हुए व्यक्ति थे। उनके लिए ऐसी किसी वसीयत पर हस्ताक्षर करना, जिसमें कुछ ऐसे प्रावधान हों जो उनकी सोच और स्वभाव से मेल न खाते हों, लगभग नामुमकिन है। उनके अनुसार, अगर ऐसा हुआ है, तो ये तभी संभव है जब संजय कपूर उस वक्त अपनी दिमागी हालत में ठीक न हों या उन पर किसी तरह का दबाव रहा हो।
इस बयान के बाद से अब ये सवाल उठने लगा है कि आखिर उस वसीयतनामे के पीछे की सच्चाई क्या है और क्या वाकई संजय कपूर ने अपनी मर्जी से उस पर दस्तखत किए थे। अब देखना ये है कि कोर्ट इस मामले में आगे क्या फैसला सुनाता है और सच्चाई कब सामने आती है। यह मामला अब और भी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि इसमें एक बड़े परिवार और संपत्ति का सवाल है।






