एक ऐसा गाँव जहाँ कदम रखने के लिए भी लगता है टिकट, मिलती हैं शहर जैसी सुविधाएँ….
A village where it takes a ticket to even set foot, gets city-like amenities

Breaking Today, Digital Desk : भारत, गाँवों का देश है, और कहा जाता है कि भारत की असली आत्मा इन्हीं गाँवों में बसती है।[1] उत्तर प्रदेश, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, यहाँ के गाँव भारत की इस पहचान को बखूबी दर्शाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे गाँव के बारे में सुना है, जहाँ घूमने जाने के लिए आपको टिकट खरीदना पड़े?
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित ‘खुरपी नेचर विलेज’ एक ऐसा ही अनोखा गाँव है, जहाँ प्रवेश के लिए 20 रुपये का टिकट लगता है। यह गाँव अपनी कई खासियतों की वजह से बाकी गाँवों से बिल्कुल अलग है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यहाँ आने वालों को पुराने पारंपरिक भारतीय गाँव की झलक मिल सके और वे यह अनुभव कर सकें कि पहले के समय में लोग गाँवों में कैसे जीवन जीते थे।
यह गाँव न केवल अपनी अनूठी अवधारणा के लिए जाना जाता है, बल्कि यहाँ की सामाजिक पहल भी सराहनीय है। गाँव में हर दिन 100 से 150 जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में भोजन कराया जाता है। इसके अलावा, युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यहाँ मुफ्त जिम और पुस्तकालय जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं।
आजीविका के लिए इस गाँव के लोग मुख्य रूप से मुर्गी पालन और मत्स्य पालन पर निर्भर हैं। पर्यटकों के आकर्षण के लिए गाँव में एक छोटा चिड़ियाघर भी है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। आगंतुक यहाँ स्थानीय व्यंजनों का भी लुत्फ उठा सकते हैं।
खुरपी नेचर विलेज स्थायी और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। यहाँ नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पहलें की गई हैं। यह गाँव प्रकृति प्रेमियों, साहसिक गतिविधियों के शौकीनों और उन लोगों के लिए एक आदर्श स्थान है जो शहर की भीड़-भाड़ से दूर शांति और सुकून के पल बिताना चाहते हैं।




