
Breaking Today, Digital Desk : उत्तराखंड के शांत पहाड़ों में एक बार फिर कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। दिल दहला देने वाली यह घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसमें पानी का प्रचंड वेग इमारतों को ताश के पत्तों की तरह गिराता और अपने साथ बहा ले जाता दिख रहा है। यह वीडियो उस भयावहता को दर्शाता है जिसका सामना स्थानीय निवासियों को करना पड़ा।
हालिया घटना उत्तरकाशी के धराली गांव में मंगलवार को हुई, जब बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में अचानक बाढ़ आ गई।महज कुछ ही सेकंड में, नदी का शांत पानी एक विनाशकारी सैलाब में बदल गया, जिसने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को अपनी चपेट में ले लिया। वीडियो फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे पानी और मलबे का एक विशाल सैलाब इमारतों से टकराता है और उन्हें तुरंत ध्वस्त कर देता है। इस प्रलय के मंजर के बीच लोगों की चीख-पुकार और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भागने की अपील करते हुए सुना जा सकता है।
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आपदा में कई घर, दुकानें और होटल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “हमने अपनी जिंदगी में ऐसा भयानक मंजर पहले कभी नहीं देखा। सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।” प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचाव और राहत कार्यों के लिए पुलिस, एसडीआरएफ और सेना की टीमों को घटनास्थल पर भेजा है।
उत्तराखंड में मानसून के दौरान बादल फटने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ आना एक आम समस्या बन गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियोजित विकास कार्यों के कारण इस तरह की आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता में वृद्धि हुई है।पहले भी, 2021 में चमोली में और 2023 में देहरादून में इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें भारी जान-माल का नुकसान हुआ था। ये घटनाएं इस पर्वतीय राज्य की नाजुक पारिस्थितिकी और भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं।




