Sliderदेश-विदेश

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ‘कैश-एट-होम’ मामला, कौन हैं जांच समिति के तीन कानूनी दिग्गज…

Justice Yashwant Verma 'cash-at-home' case, who are the three legal giants of the investigation committee...

Breaking Today, Digital Desk : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से जुड़े ‘कैश-एट-होम’ मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आरोपों की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश, एक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं, जो न्यायमूर्ति वर्मा पर लगे भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों की गहन जांच करेंगे।

यह मामला तब सामने आया जब न्यायमूर्ति वर्मा के दिल्ली स्थित आवास पर आग लगने के बाद कथित तौर  बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी। इसके बाद, भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित एक आंतरिक जांच समिति ने न्यायमूर्ति वर्मा को ‘कदाचार’ का दोषी पाया था। अपनी याचिका खारिज होने के बाद न्यायमूर्ति वर्मा को उच्चतम न्यायालय से भी राहत नहीं मिली

लोकसभा अध्यक्ष को न्यायमूर्ति वर्मा को पद से हटाने का प्रस्ताव 146 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ मिला था, जिसमें भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद और विपक्ष के नेता भी शामिल थे। इसी प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए इस जांच समिति का गठन किया गया है। समिति अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Related Articles

Back to top button