
Breaking Today, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि अवैध प्रवासियों के कारण राज्य की जनसांख्यिकी में हो रहे बदलावों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कोई भी अवैध रूप से देश में घुसा है, उसे बाहर जाना ही होगा। इस गंभीर विषय पर, उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर जमकर निशाना साधा और उन पर वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेष रूप से बिहार के कुछ जिलों में जनसंख्या का संतुलन बिगड़ रहा है, जो एक चिंता का विषय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मसला है। प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन शुरू करने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और आरजेडी की पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि दशकों तक इन दलों ने तुष्टिकरण की राजनीति की और अवैध घुसपैठ पर आंखें मूंदे रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए देश की आंतरिक सुरक्षा को दांव पर लगा दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस के शासनकाल में विकास को नजरअंदाज किया गया और केवल जातिगत राजनीति को बढ़ावा दिया गया, जिससे बिहार को बहुत नुकसान हुआ।
पीएम मोदी ने कहा, “यह देश के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है और मैं देश को इस चिंता से आगाह करना चाहता हूँ।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं और इसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने बिहार की जनता को यह भी याद दिलाया कि एनडीए सरकार ने पिछले 10 वर्षों में बिहार के विकास के लिए कांग्रेस और आरजेडी की सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक राशि प्रदान की है। उन्होंने लोगों से इस तरह की “भ्रष्ट राजनीति” से सावधान रहने का आग्रह किया और एक “नया बिहार” बनाने के लिए एनडीए का समर्थन करने का आह्वान किया।






