
Breaking Today, Digital Desk : आपने ए.आर. रहमान का संगीत तो सुना ही होगा। उनकी धुनें सीधे दिल को छू जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका असली नाम कुछ और था और उन्हें ‘रहमान’ नाम कैसे मिला? ये कहानी उतनी ही दिलचस्प है जितना उनका संगीत।
दरअसल, रहमान साहब का बचपन का नाम दिलीप कुमार था। वो इस नाम से बहुत खुश नहीं थे। ऐसा नहीं है कि नाम बुरा था, लेकिन शायद उन्हें लगता था कि ये नाम उनकी पहचान से मेल नहीं खाता। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक बार वे अभिनेता दिलीप कुमार साहब से मिले। वो मुलाकात ए.आर. रहमान के जीवन में एक बड़ा मोड़ लेकर आई।
दिलीप कुमार साहब ने जब दिलीप कुमार (ए.आर. रहमान) को देखा, तो शायद उन्होंने उनके अंदर की कला और सादगी को पहचान लिया। उन्होंने ही उन्हें ‘रहमान’ नाम दिया। कहते हैं कि दिलीप कुमार साहब को यह मुस्लिम नाम बहुत पसंद आया और उन्होंने तुरंत इसे अपनाने की सलाह दी। और बस, उस दिन से दिलीप कुमार बन गए ए.आर. रहमान।
यह सिर्फ नाम बदलने की कहानी नहीं है, बल्कि एक महान कलाकार को उसकी सही पहचान मिलने की कहानी है। ‘रहमान’ नाम उनके साथ ऐसा जुड़ा कि आज पूरी दुनिया उन्हें इसी नाम से जानती है। यह नाम उनकी पहचान बन गया, उनके संगीत की तरह ही शाश्वत और प्रेरणादायक।






