उन्मादी भीड़ ने पीट-पीटकर अधेड़ को उतारा मौत के घाट, चार आरोपी हिरासत में…
A frenzied mob beat a middle aged man to death, four accused in custody

Breaking Today, Digital Desk : एक दिल दहला देने वाली घटना में, देर रात घूम रहे एक अधेड़ व्यक्ति को ग्रामीणों ने चोर समझकर बेहरमी से पीटा, जिसके चलते उसकी दर्दनाक मौत हो गई. मामले की सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
यह शर्मसार कर देने वाली घटना उस समय हुई जब मृतक, जिसकी पहचान अभी उजागर नहीं की गई है, देर रात गांव की गलियों में घूम रहा था. ग्रामीणों को उस पर चोरी करने का शक हुआ और बिना किसी पुख्ता सबूत या कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किए, उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया. मौके पर जमा हुई भीड़ ने अधेड़ को घेर लिया और लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधेड़ व्यक्ति भीड़ से अपनी जान की भीख मांगता रहा, लेकिन उन्मादी भीड़ के सिर पर खून सवार था. घंटों तक चले इस खूनी खेल में अधेड़ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और इस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है
इस घटना ने एक बार फिर से भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा (मॉब लिंचिंग) की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है. कानून के जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे कानून-व्यवस्था का डर न होना और अफवाहों का तेजी से फैलना मुख्य कारण हैं. समाजशास्त्रियों का कहना है कि भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता और अक्सर लोग आवेश में आकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं, जिसके दूरगामी और भयानक परिणाम होते हैं. यह घटना इस बात का दुखद प्रमाण है कि कैसे शक और अफवाह किसी निर्दोष व्यक्ति की जान ले सकती है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में न लें.






