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सांस फूलना, हल्के में न लें! जानें कब यह इमरजेंसी है और कब सामान्य…

Don't take shortness of breath lightly! Know when it's an emergency and when it's normal...

Breaking Today, Digital Desk : क्या आपको अक्सर थकान महसूस होती है या सीढ़ियां चढ़ने पर आपकी सांस फूल जाती है? कई बार हम इसे सामान्य मानकर टाल देते हैं, लेकिन यह हमारे दिल से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। यह समझना बहुत ज़रूरी है कि कब सांस फूलना सिर्फ थकान है और कब यह एक मेडिकल इमरजेंसी।

सांस फूलना क्या है और यह कब चिंता का विषय है?
सांस फूलना, जिसे मेडिकल भाषा में ‘डिस्पनिया’ कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जब आपको सांस लेने में मुश्किल महसूस होती है। कभी-कभी भारी कसरत के बाद या किसी तनावपूर्ण स्थिति में सांस फूलना सामान्य है, लेकिन अगर यह बिना किसी खास वजह के हो या रोज़मर्रा के कामों में भी आपको सांस फूलने लगे, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है।

दिल से जुड़ी बीमारियों में सांस फूलने के लक्षण:
अगर आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो शरीर के बाकी हिस्सों तक खून और ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंच पाती। ऐसे में दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे सांस फूलने लगती है। दिल से जुड़ी समस्याओं में सांस फूलने के कुछ खास लक्षण ये हो सकते हैं:

  • आराम करते समय भी सांस फूलना

  • रात में सोते समय अचानक सांस फूलना और उठकर बैठना पड़े

  • लेटने पर सांस लेने में ज़्यादा दिक्कत होना

  • पैरों या टखनों में सूजन (यह बताता है कि दिल खून को ठीक से पंप नहीं कर पा रहा है और शरीर में फ्लूइड जमा हो रहा है)

  • सीने में दर्द या दबाव महसूस होना

  • चक्कर आना या बेहोशी छाना

  • हल्का-फुल्का काम करने पर भी बहुत ज़्यादा थकान होना

कब डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है?
अगर आपको ऊपर दिए गए कोई भी लक्षण महसूस होते हैं, खासकर अगर वे अचानक शुरू हुए हैं या समय के साथ बिगड़ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। खुद से कोई भी अंदाज़ा न लगाएं।

एक्सपर्ट की राय:
डॉक्टरों का कहना है कि लोग अक्सर थकान और सांस फूलने को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, खासकर बढ़ती उम्र में। लेकिन अगर आपको लगता है कि आपकी सांस पहले से ज़्यादा फूलने लगी है, या आपकी कसरत करने की क्षमता कम हो गई है, तो यह दिल की जांच करवाने का सही समय हो सकता है।

अपनी दिल की सेहत का ख्याल कैसे रखें:

  • नियमित व्यायाम: रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की मॉडरेट एक्सरसाइज़ करें।

  • स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को अपने खाने में शामिल करें।

  • वजन नियंत्रण: अपने वज़न को स्वस्थ सीमा में रखें।

  • धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण है।

  • तनाव कम करें: योग, मेडिटेशन या अन्य तरीकों से तनाव को नियंत्रित करें।

  • नियमित जांच: अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की नियमित जांच करवाएं।

याद रखें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और लक्षणों को पहचानकर आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं और गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं।

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