
Breaking Today, Digital Desk : क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटी सी कहासुनी कितनी बड़ी मुसीबत बन सकती है? पुणे में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। एक मामूली रोड रेज की घटना ने अपहरण और मारपीट का रूप ले लिया, और अब इसमें एक पिता-पुत्री का नाम भी जुड़ गया है।
पुणे की एक अदालत ने हाल ही में पूजा खेडेकर के पिता, विजय खेडेकर को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ मिलकर एक व्यक्ति का अपहरण करवाया और उसके साथ मारपीट की। यह सब तब हुआ जब पूजा की गाड़ी को कथित तौर पर उस व्यक्ति ने टक्कर मार दी थी।
मामला कुछ यूं है: शिकायतकर्ता के मुताबिक, विजय खेडेकर ने अपने ड्राइवर के साथ मिलकर उस व्यक्ति का अपहरण कर लिया, जिसने उनकी बेटी की गाड़ी को छुआ था। इसके बाद उसे एक फ्लैट में ले जाया गया जहाँ पूजा पहले से मौजूद थी। वहाँ उस व्यक्ति के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उसे धमकाया भी गया। यहाँ तक कि उसकी सोने की चेन और अंगूठी भी छीन ली गई।
विजय खेडेकर ने अपनी अग्रिम ज़मानत याचिका में दावा किया था कि उन्हें झूठे केस में फँसाया जा रहा है और वह निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि उनका इसमें कोई हाथ नहीं है। लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलों को नहीं माना। सरकारी वकील ने कोर्ट में ज़ोर देकर कहा कि यह एक सुनियोजित अपराध था जिसमें पिता और बेटी दोनों शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि विजय खेडेकर पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया कि विजय खेडेकर को अग्रिम ज़मानत देना सही नहीं होगा। कोर्ट का मानना था कि अगर उन्हें ज़मानत दी जाती है, तो वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को धमका भी सकते हैं। इस फैसले से यह तो साफ है कि कानून को अपने हाथ में लेना कितना भारी पड़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या होता है और सच सामने कैसे आता है। क्या पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए इतना आगे चले गए, या फिर इसमें कोई और ही कहानी है?




