
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में केरल से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ ‘दिमाग खाने वाले अमीबा’ (Brain-Eating Amoeba) के 67 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 18 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा वाकई परेशान करने वाला है और हमें इसके बारे में जानने की ज़रूरत है।
क्या है यह ‘दिमाग खाने वाला अमीबा’?
यह कोई नया जीव नहीं है, लेकिन इसके बढ़ते मामले चिंता का विषय हैं। इस अमीबा का वैज्ञानिक नाम है नेग्लेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri)। यह आमतौर पर गर्म मीठे पानी, जैसे झीलों, नदियों, तालाबों और गर्म झरनों में पाया जाता है। यह दूषित स्विमिंग पूल में भी मिल सकता है अगर उनमें क्लोरीन का स्तर ठीक न हो।
यह इतना खतरनाक क्यों है?
यह अमीबा आमतौर पर तब शरीर में घुसता है जब दूषित पानी नाक के ज़रिए अंदर चला जाता है। एक बार नाक के रास्ते अंदर जाने के बाद, यह अमीबा दिमाग तक पहुँच जाता है और प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस (PAM) नामक एक गंभीर संक्रमण पैदा करता है। यह संक्रमण दिमाग के ऊतकों को नष्ट कर देता है, जिससे यह जानलेवा साबित होता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
संक्रमण होने के कुछ दिनों बाद लक्षण दिखने शुरू हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
-
तेज सिरदर्द
-
बुखार
-
गर्दन में अकड़न
-
उल्टी और मतली
-
भ्रम या मतिभ्रम (hallucinations)
-
दौरे पड़ना (seizures)
-
कोमा
दुर्भाग्य से, एक बार लक्षण दिखने शुरू हो जाएँ, तो यह बीमारी बहुत तेज़ी से बढ़ती है और ज़्यादातर मामलों में जान चली जाती है।
कैसे करें बचाव?
हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन बचाव ही सबसे अच्छा तरीका है:
-
नाक में पानी जाने से रोकें: जब आप झीलों, नदियों या तालाबों में तैर रहे हों, तो अपनी नाक बंद रखें या नोज़ क्लिप का इस्तेमाल करें, खासकर अगर पानी गर्म और रुका हुआ लग रहा हो।
-
साफ पानी का उपयोग करें: नहाने या नाक साफ करने के लिए हमेशा साफ, क्लोरीनयुक्त या उबले हुए पानी का इस्तेमाल करें।
-
क्लोरीन का स्तर जांचें: अगर आप स्विमिंग पूल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि उसमें क्लोरीन का स्तर ठीक हो।
-
संदिग्ध पानी से बचें: ऐसे पानी में तैरने या नहाने से बचें जिसका रंग अजीब हो या जिसमें गंदगी दिख रही हो।
केरल सरकार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। हमें भी सावधानी बरतनी चाहिए और अपने आसपास स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।




