
Breaking Today, Digital Desk : प्रधानमंत्री मोदी इस बार एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) की बैठक के लिए चीन जाने से पहले जापान का दो दिवसीय दौरा करने वाले हैं। यह अपने आप में काफी दिलचस्प है क्योंकि आमतौर पर ऐसे बड़े सम्मेलनों से पहले इस तरह की यात्राएं कम देखने को मिलती हैं।
मोदी जी का जापान दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण हो सकता है। यह दिखाता है कि भारत जापान के साथ अपने संबंधों को कितनी अहमियत देता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ रहा है। ऐसे में चीन जाने से पहले जापान का दौरा करना एक तरह से भारत की विदेश नीति का संकेत भी हो सकता है, जहाँ वह एशिया में अपने प्रमुख साझेदारों के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखना चाहता है।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास को और गहरा करने का काम करेगी। उम्मीद है कि इस दौरे में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी और कुछ नए समझौते भी हो सकते हैं, जो भारत और जापान दोनों के लिए फायदेमंद होंगे।




