करवा चौथ 2025, जानें चांद निकलने का सही समय और पूजा की पूरी विधि…
Karwa Chauth 2025, Know the exact moonrise time and the complete puja rituals.

Breaking Today, Digital Desk : करवा चौथ… ये नाम सुनते ही मन में एक अलग ही ख़ुशी और उमंग आ जाती है, ख़ासकर उन सुहागिन महिलाओं के लिए जो अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए ये व्रत रखती हैं. साल 2025 में भी यह ख़ास त्यौहार आने वाला है, और अभी से इसकी तैयारियां शुरू हो गई होंगी. इस दिन महिलाएं दिन भर निर्जला उपवास रखती हैं, यानी बिना पानी पिए रहती हैं, और शाम को चांद देखकर अपना व्रत खोलती हैं.
व्रत का महत्व और परंपरा:
करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है. यह सदियों से चली आ रही एक ख़ूबसूरत परंपरा है, जिसमें पत्नी अपने पति के मंगल की कामना करती है. इस दिन सुबह सरगी खाने से लेकर शाम को चांद निकलने तक, हर एक पल में प्रेम और श्रद्धा की भावना जुड़ी होती है.
पूजा विधि: कैसे करें सही तरीक़े से पूजा?
करवा चौथ की पूजा विधि थोड़ी विस्तृत होती है, लेकिन अगर सही तरीक़े से की जाए तो इसका फल अवश्य मिलता है.
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सुबह की तैयारी: सुबह उठकर स्नान करें और साफ़-सुथरे कपड़े पहनें. इस दिन लाल या गुलाबी रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. व्रत का संकल्प लें और मन ही मन अपनी मनोकामना दोहराएं.
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करवा चौथ की कथा: दोपहर या शाम को पूजा से पहले करवा चौथ की कथा सुनना या पढ़ना बहुत शुभ होता है. कहते हैं, कथा सुनने से व्रत का पूरा फल मिलता है.
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पूजा की थाली: अपनी पूजा की थाली तैयार करें जिसमें दीपक, रोली, चावल, मिठाई, जल का लोटा, छलनी, और करवा (मिट्टी का कलश) ज़रूर रखें.
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मां पार्वती की पूजा: शाम के समय, जब चांद निकलने में थोड़ा समय हो, तब मां पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करें. उन्हें फल, फूल और मिठाई अर्पित करें. करवा चौथ के चित्र या मूर्ति की पूजा करें.
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चांद का दीदार: चांद निकलने के बाद, छलनी से पहले चांद को देखें और फिर अपने पति के चेहरे को देखें. इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर अपना व्रत खोलें.
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आशीर्वाद: व्रत खोलने के बाद, अपने पति से आशीर्वाद ज़रूर लें.
करवा चौथ 2025: आपके शहर में चांद निकलने का समय
करवा चौथ पर चांद निकलने का समय हर शहर में थोड़ा अलग हो सकता है. इसलिए, व्रत खोलने से पहले अपने स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय स्रोत से अपने शहर में चांद निकलने का सही समय ज़रूर जान लें. आमतौर पर, यह शाम को 8 बजे के बाद ही होता है.
करवा चौथ की कथा:
करवा चौथ की कई कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें सबसे ज़्यादा मशहूर है वीरवती की कहानी. वीरवती एक रानी थी, जिसके सात भाई थे. उसने अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था. शाम को जब वह चांद का इंतज़ार कर रही थी, तब उसके भाइयों ने उसे परेशान देखकर एक पेड़ पर दर्पण लगाकर चांद जैसा नज़ारा दिखा दिया. वीरवती ने उसे असली चांद समझकर व्रत खोल लिया, जिसके बाद उसके पति बीमार पड़ गए. बाद में जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उसने फिर से पूरी श्रद्धा से व्रत रखा और इस बार उसके पति पूरी तरह स्वस्थ हो गए. यह कथा हमें बताती है कि व्रत में श्रद्धा और नियमों का पालन करना कितना ज़रूरी है.
तो इस करवा चौथ 2025 पर भी आप पूरी श्रद्धा और ख़ुशी के साथ यह व्रत मनाएं. पति-पत्नी के इस पावन रिश्ते को और भी मज़बूत करें!






