
Breaking Today, Digital Desk : शिक्षक दिवस पर, जब हर कोई अपने गुरुओं को याद कर रहा था, तो हमारे ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर कैसे पीछे रहते? उन्होंने भी अपने बचपन के दिनों को याद किया और बताया कि कैसे कुछ ख़ास लोग उनके क्रिकेट के सफ़र में मार्गदर्शक बने.
सचिन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक पुरानी तस्वीर शेयर की, जिसमें एक क्रिकेट किट बैग, एक सिक्का और उनके कुछ कोचों के हाथ नज़र आ रहे थे. इस तस्वीर के साथ उन्होंने एक बेहद दिल छू लेने वाला कैप्शन लिखा, “यह मेरा पहला क्रिकेट किट बैग था, मेरा पहला सिक्का (टॉस के लिए) और वे तीन अनमोल हाथ जिन्होंने मुझे सही रास्ता दिखाया.”
उन्होंने आगे लिखा, “इन हाथों ने मुझे सिर्फ़ क्रिकेट खेलना ही नहीं सिखाया, बल्कि ज़िंदगी के कई अहम सबक भी दिए. अनुशासन, कड़ी मेहनत और कभी हार न मानने की भावना – ये सब मुझे मेरे गुरुओं से ही मिला. मेरे जीवन में उनका योगदान अमूल्य है.”
सचिन ने अपने कोच रमाकांत आचरेकर सर को विशेष रूप से याद किया, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने क्रिकेट की बारीकियों को सीखा. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ़ स्कूल या खेल के मैदान के शिक्षक ही नहीं, बल्कि जीवन में हर वो व्यक्ति जो हमें कुछ सिखाता है, वो हमारा गुरु होता है.
सचिन तेंदुलकर का यह पोस्ट दिखाता है कि सफलता की ऊँचाइयों पर पहुँचने के बाद भी वे अपने जड़ों को नहीं भूले हैं और अपने गुरुओं का हमेशा सम्मान करते हैं. यह हम सभी के लिए एक प्रेरणा है कि हमें अपने जीवन में मार्गदर्शक बने हर व्यक्ति का आभार व्यक्त करना चाहिए.






