
Breaking Today, Digital Desk : हमारे घर में रात का समय आमतौर पर शांतिपूर्ण होता था, लेकिन कुछ महीनों से, हमारे घर में एक नया “कॉमेडी शो” शुरू हो गया है, और इसका मुख्य कलाकार कोई और नहीं बल्कि मेरे प्यारे पति, रोहित हैं। यह शो रात के 11 बजे के बाद शुरू होता है, जब रोहित गहरी नींद में होते हैं और अनजाने में अपने दिन भर के किस्से, अधूरी इच्छाएँ और कभी-कभी तो अजीबोगरीब डायलॉग्स बड़बड़ाने लगते हैं।
शुरुआत में, जब मैंने उन्हें नींद में बातें करते सुना, तो मुझे थोड़ी चिंता हुई। एक रात वे नींद में ही किसी पर चिल्ला रहे थे, “समोसे में आलू क्यों नहीं है? यह धोखा है!” मैं उन्हें जगाने ही वाली थी कि मुझे एहसास हुआ कि वे तो सपना देख रहे हैं। उस रात मैं अपनी हँसी नहीं रोक पाई।
धीरे-धीरे, यह हमारे परिवार का सबसे बड़ा रहस्य और मनोरंजन का स्रोत बन गया। मेरे बच्चे, 14 वर्षीय आरव और 10 वर्षीय मीशा, अब इसे “पापा का नाईट शो” कहते हैं। हम सब कान लगाकर सुनते हैं कि आज पापा की नींद की दुनिया में क्या चल रहा है। कभी वे ऑफिस की मीटिंग में प्रेजेंटेशन दे रहे होते हैं, तो कभी किसी फिल्म के हीरो की तरह डायलॉग बोल रहे होते हैं। एक रात तो वे नींद में ही गाना गाने लगे, “मैं निकला गड्डी लेके,” और हम सब दूसरे कमरे में हँसते-हँसते लोट-पोट हो गए।
हमने उनके कुछ मजेदार बड़बड़ाने वाले किस्सों को रिकॉर्ड भी करना शुरू कर दिया है। अब जब भी घर में कोई उदास होता है या माहौल थोड़ा गंभीर होता है, तो हम रोहित के “शो” की क्लिप्स चलाकर माहौल को हल्का-फुल्का बना देते हैं। सबसे मजेदार बात तो यह है कि रोहित को सुबह कुछ भी याद नहीं रहता। जब हम उसे उसकी रात की बातें बताते हैं, तो वह हैरान होकर कहता है, “मैं ऐसा कह ही नहीं सकता!”
यह नींद में बड़बड़ाना अब हमारे परिवार के लिए सिर्फ एक अजीब आदत नहीं, बल्कि एक ऐसा अनमोल तोहफा बन गया है जो हमें हँसाता है और एक साथ लाता है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन के छोटे-छोटे, अनपेक्षित पलों में भी कितनी खुशी मिल सकती है। हमारा “पारिवारिक कॉमेडी शो” हर रात जारी रहता है, और हम इसके अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करते हैं।






