
Breaking Today, Digital Desk : जम्मू-कश्मीर की राजनीति में इस बार राज्यसभा चुनावों को लेकर खूब हलचल मची हुई है. खबर आ रही है कि कांग्रेस पार्टी ने वहां राज्यसभा की रेस से अपने हाथ खींच लिए हैं. मतलब, वो चुनाव नहीं लड़ेंगे. अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों हुआ? दरअसल, हुआ ये कि कांग्रेस को उम्मीद थी कि नेशनल कॉन्फ्रेंस उन्हें एक ‘सेफ सीट’ दे देगी, ताकि उनके वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद आसानी से राज्यसभा पहुंच सकें.
लेकिन, जैसा कि अक्सर राजनीति में होता है, उम्मीदें टूट जाती हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस की इस मांग को ठुकरा दिया. उन्होंने साफ मना कर दिया कि वो कोई ‘सेफ सीट’ कांग्रेस को नहीं देंगे. बस, इसी बात से कांग्रेस थोड़ी नाराज और निराश हो गई और उन्होंने तय किया कि इस बार वो जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे.
अब इसके पीछे कई समीकरण हो सकते हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को लगा कि अगर वो कांग्रेस को सीट देते हैं, तो इससे उनकी अपनी पकड़ कमजोर हो सकती है. वहीं, कांग्रेस के भीतर भी गुलाम नबी आजाद को लेकर थोड़ी खींचतान चल रही थी. हालांकि, आधिकारिक तौर पर कांग्रेस यही कह रही है कि वो गठबंधन धर्म निभा रहे हैं और बेवजह सीटों के लिए लड़ाई नहीं चाहते.
जो भी हो, इस फैसले से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है. देखना होगा कि आने वाले समय में इसका असर विधानसभा चुनावों पर कैसे पड़ता है और कांग्रेस व नेशनल कॉन्फ्रेंस के रिश्ते किस ओर जाते हैं. अभी के लिए तो यही है कि राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से कांग्रेस का कोई चेहरा नहीं दिखेगा.






