
Breaking Today, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आखिरकार उस राज़ से पर्दा उठा दिया है, जिसने पिछले साल दिसंबर में पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के अपने फैसले पर चुप्पी तोड़ते हुए अश्विन ने बताया कि लगातार टीम से बाहर बैठना उनके लिए कितना मुश्किल हो गया था। उन्होंने यह भावुक खुलासा अपने पूर्व कोच और भारतीय क्रिकेट के ‘द वॉल’ कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ के साथ अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान किया।
38 वर्षीय अश्विन ने दिसंबर 2024 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान संन्यास की घोषणा की थी, जिससे फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ स्तब्ध रह गए थे। अब, उन्होंने स्वीकार किया है कि यह फैसला पेशेवर से ज्यादा व्यक्तिगत था।
द्रविड़ से बात करते हुए अश्विन ने अपने दिल की बात रखी। उन्होंने कहा, “लगातार दौरे पर जाना और फिर वहां जाकर बस बेंच पर बैठना, खासकर विदेशी दौरों पर, मुझे बहुत खलने लगा था।” अश्विन ने आगे कहा, “आप सोचने लगते हैं कि बच्चे बड़े हो रहे हैं और मैं यहां बाहर बैठकर क्या कर रहा हूँ? मुझे लगा कि बस अब बहुत हो गया।”
इस बातचीत में अश्विन ने यह भी मज़ाक में कहा कि उनकी उम्र भी हो रही थी। उन्होंने बताया कि वह हमेशा से 34-35 साल की उम्र में संन्यास लेने का मन बना चुके थे, लेकिन लगातार प्लेइंग इलेवन में जगह न मिल पाने की वजह से उन्होंने यह फैसला थोड़ा पहले ले लिया।
अश्विन ने स्पष्ट किया कि देश के लिए योगदान न देने का उनका कोई इरादा नहीं था, लेकिन परिवार के साथ अधिक समय बिताने की इच्छा और लगातार टीम से बाहर रहने की निराशा उन पर हावी हो गई थी।
अनिल कुंबले के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज़ के रूप में अपना करियर समाप्त करने वाले अश्विन ने 106 टेस्ट मैचों में 537 विकेट हासिल किए। भले ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन वह घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।






