
Breaking Today, Digital Desk : अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस का एक नया सब-वैरिएंट तेजी से फैल रहा है, जिसे अनौपचारिक रूप से ‘स्ट्रेटस’ (Stratus) नाम दिया गया है। इसका आधिकारिक नाम एक्सएफजी (XFG) है और यह ओमिक्रॉन के दो पिछले वैरिएंट्स LF.7 और LP.8.1.2 से मिलकर बना है। स्वास्थ्य अधिकारी इस पर करीब से नजर बनाए हुए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ‘स्ट्रेटस’ को “वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग” की श्रेणी में रखा है, जिसका अर्थ है कि इसकी तेज संक्रमण दर और इम्युनिटी को चकमा देने की क्षमता के कारण इस पर निगरानी रखी जा रही है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, इस गर्मी में ‘स्ट्रेटस’ देश में तीसरा सबसे आम वैरिएंट बन गया है। जून के अंत तक अमेरिका में कुल कोविड मामलों में से लगभग 14% मामले इसी वैरिएंट के थे। यह कनाडा, यूरोप और एशिया-प्रशांत सहित कम से कम 38 देशों में फैल चुका है।
‘स्ट्रेटस’ वैरिएंट के लक्षण क्या हैं?
‘स्ट्रेटस’ वैरिएंट के लक्षण काफी हद तक ओमिक्रॉन के अन्य वैरिएंट्स के समान ही हैं, लेकिन इसका एक विशिष्ट शुरुआती लक्षण आवाज का बैठना या गले में खराश होना है। कुछ मरीजों ने गले में “कांच निगलने” जैसा तेज दर्द महसूस होने की भी बात कही है।
सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
बुखार या ठंड लगना
खांसी और गले में खराश
थकान और सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
बहती या भरी हुई नाक
स्वाद या गंध का जाना
जी मिचलाना, उल्टी या दस्त
विशेषज्ञों का कहना है कि आवाज में बदलाव का लक्षण अक्सर अन्य लक्षणों के प्रकट होने से पहले दिखाई दे सकता है।
क्या यह वैरिएंट अधिक खतरनाक है?
फिलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ‘स्ट्रेटस’ वैरिएंट पिछले वैरिएंट्स की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इसका वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम “कम” है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा टीके इस वैरिएंट के खिलाफ गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में प्रभावी रहने की उम्मीद है।
हालांकि यह वैरिएंट अधिक गंभीर नहीं है, लेकिन इसकी उच्च संक्रमण दर के कारण मामलों में वृद्धि हो सकती है, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोविड-19 से बचाव के लिए उन्हीं बुनियादी सावधानियों का पालन करने की सलाह दे रहे हैं जो पहले से बताई जा रही हैं:
टीकाकरण: कोविड-19 के टीकों की नवीनतम खुराक के साथ अप-टू-डेट रहें।
स्वच्छता: नियमित रूप से हाथ धोते रहें।
वेंटिलेशन: घर के अंदर हवा का अच्छा प्रवाह सुनिश्चित करें।
बीमार होने पर घर पर रहें: यदि आपमें लक्षण दिखाई देते हैं, तो ठीक होने के बाद कम से कम 48 घंटे तक खुद को अलग रखें।
मास्क पहनें: भीड़भाड़ वाली जगहों पर या यदि आपके आसपास कोई कमजोर इम्युनिटी वाला व्यक्ति है तो मास्क पहनना एक अच्छा उपाय है।






