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खरना का ये रहस्य जानकर आप दंग रह जाएंगे…

You will be stunned to know this secret of Kharna...

Breaking Today, Digital Desk : छठ पूजा का त्योहार भारत के सबसे कठिन और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। यह चार दिनों तक चलने वाला महापर्व है, जिसमें सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। इस पूजा में संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए व्रत रखा जाता है। छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है और इसका दूसरा दिन खरना होता है।

खरना क्या है?

खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। इस दिन व्रती महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को सूर्य अस्त होने के बाद खीर-पूरी का प्रसाद ग्रहण करती हैं। खरना का अर्थ है “शुद्धिकरण”। इस दिन व्रती अपने तन और मन को शुद्ध करती हैं, ताकि वे अगले दो दिनों की कठिन पूजा के लिए तैयार हो सकें।

खरना पूजा विधि

खरना के दिन व्रती महिलाएं सुबह स्नान कर नए वस्त्र धारण करती हैं। इसके बाद वे पूजा घर को साफ कर एक वेदी बनाती हैं। वेदी पर मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी का उपयोग कर गुड़ की खीर और पूड़ी बनाती हैं। इस प्रसाद को बनाने में सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। प्रसाद तैयार होने के बाद व्रती सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं और छठी मैया की पूजा करती हैं। पूजा के बाद व्रती महिलाएं इस प्रसाद को ग्रहण करती हैं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बांटती हैं।

खरना व्रत नियम

  • खरना के दिन व्रती महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं।

  • शाम को सूर्य अस्त होने के बाद ही प्रसाद ग्रहण करती हैं।

  • प्रसाद बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।

  • प्रसाद में सेंधा नमक का ही उपयोग किया जाता है।

  • खरना के दिन व्रती महिलाएं किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन नहीं करती हैं।

  • खरना के दिन व्रती महिलाएं जमीन पर ही सोती हैं।

खरना का महत्व

खरना का छठ पूजा में विशेष महत्व है। इस दिन व्रती महिलाएं अपने शरीर और मन को शुद्ध करती हैं, ताकि वे अगले दो दिनों की कठिन पूजा के लिए तैयार हो सकें। खरना के दिन प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रती महिलाएं अगले 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत बहुत कठिन होता है, लेकिन व्रती महिलाएं इसे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ करती हैं।

प्रसाद बनाने का तरीका

गुड़ की खीर:

सामग्री:

  • चावल – 1 कप

  • गुड़ – 1 कप (स्वादानुसार)

  • दूध – 1 लीटर

  • इलायची पाउडर – 1/2 चम्मच

  • मेवे – (काजू, बादाम, किशमिश)

बनाने की विधि:

  1. चावल को धोकर आधे घंटे के लिए भिगो दें।

  2. एक बड़े बर्तन में दूध गरम करें। जब दूध उबलने लगे, तो उसमें भीगे हुए चावल डालें।

  3. चावल को धीमी आंच पर पकाएं, जब तक वे नरम न हो जाएं।

  4. अब इसमें गुड़ डालकर अच्छी तरह मिलाएं, जब तक गुड़ घुल न जाए।

  5. इलायची पाउडर और मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाएं।

  6. खीर को गरमागरम परोसें।

पूड़ी:

सामग्री:

  • गेहूं का आटा – 2 कप

  • सेंधा नमक – स्वादानुसार

  • पानी – आवश्यकतानुसार

  • तलने के लिए तेल

बनाने की विधि:

  1. आटे में नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।

  2. पानी की सहायता से नरम आटा गूंथ लें।

  3. आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पूड़ी बेल लें।

  4. तेल गरम करें और पूड़ियों को सुनहरा होने तक तल लें।

यह खरना पूजा विधि और प्रसाद बनाने का तरीका है। छठ पूजा के दौरान इन नियमों का पालन करने से व्रती महिलाओं को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

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