
Breaking Today, Digital Desk : झारखंड की एक छोटे से शहर की रहने वाली विभूति पांडे ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत से वह कर दिखाया है जो कई लोगों के लिए एक सपना होता है। उन्होंने बिना किसी महंगी कोचिंग का सहारा लिए, केवल अपनी सेल्फ-स्टडी के दम पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी नेट) दोनों में सफलता हासिल की है। उनकी यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।
विभूति की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ संकल्प और सही दिशा में प्रयास किया जाए तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए एक अनुशासित दिनचर्या बनाई और उसका सख्ती से पालन किया। इंटरनेट और ऑनलाइन उपलब्ध अध्ययन सामग्री का उन्होंने भरपूर उपयोग किया और अपनी तैयारी को धार दी।
उनकी इस दोहरी सफलता ने न केवल उनके परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि सफलता किसी कोचिंग संस्थान की मोहताज नहीं होती। विभूति पांडे आज उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं जो सिविल सेवा और अकादमिक क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है।






