
Breaking Today, Digital Desk : आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है, साथ ही कथित चुनावी धांधली के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद कर रहा है. इसी रणनीति के तहत, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के लिए डिनर का आयोजन किया, जो कि विपक्षी एकता को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है. यह डिनर केवल उपराष्ट्रपति चुनाव की रणनीति तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसका एक बड़ा उद्देश्य बिहार में मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और ‘पोल फ्रॉड’ के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को घेरना भी था
उपराष्ट्रपति चुनाव: संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी
‘इंडिया’ गठबंधन ने यह फैसला किया है कि वह उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना एक संयुक्त उम्मीदवार खड़ा करेगा ताकि एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया जा सके. हालांकि संख्या बल के हिसाब से विपक्ष के लिए यह चुनाव जीतना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन वे सरकार को बिना चुनौती दिए जीत हासिल नहीं करने देना चाहते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहयोगी दलों के साथ संभावित नामों पर आम सहमति बनाने के लिए चर्चा कर रहे हैं उपराष्ट्रपति का यह चुनाव जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के कारण हो रहा है.
डिनर डिप्लोमेसी और विपक्षी लामबंदी
मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आयोजित यह डिनर विपक्षी दलों के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद हुआ, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर आयोजित की गई थी. इन बैठकों में बिहार में मतदाता सूची में विशेष गहन संशोधन (SIR) और भाजपा-चुनाव आयोग के “वोट चोरी मॉडल” के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया गया. विपक्षी सांसद इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता दिखाने के लिए संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक एक विरोध मार्च भी निकाल रहे हैं
खरगे द्वारा आयोजित डिनर में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, एनसीपी (शरदचंद्र पवार), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, और वाम दलों समेत कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने भाग लिया, जो कि लोकसभा चुनावों के बाद विपक्षी एकजुटता का एक और बड़ा प्रदर्शन था इस डिनर डिप्लोमेसी के माध्यम से विपक्ष यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट है और सरकार को घेरने की कोई भी कोशिश नहीं छोड़ेगा






