
Breaking Today, Digital Desk : एक महत्वपूर्ण खुलासे में, क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) के पूर्व अध्यक्ष आदिल ज़ैनुलभाई ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल सिविल सेवकों के प्रशिक्षण पर जोर देते हैं, बल्कि उन्होंने स्वयं के लिए भी एक प्रशिक्षण योजना बनाने की इच्छा व्यक्त की थी। यह बात प्रधानमंत्री की सीखने और निरंतर सुधार के प्रति व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ज़ैनुलभाई, जिन्होंने हाल ही में अपना कार्यकाल पूरा किया है, ने महत्वाकांक्षी ‘मिशन कर्मयोगी’ कार्यक्रम को आकार देने में प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय और व्यक्तिगत भागीदारी को याद किया। ‘मिशन कर्मयोगी’ का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली में व्यापक सुधार लाना है, ताकि वे अधिक प्रभावी, नागरिक-केंद्रित और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
ज़ैनुलभाई के अनुसार, एक बैठक के दौरान जब सिविल सेवकों के लिए प्रशिक्षण योजनाओं पर चर्चा हो रही थी, तो प्रधानमंत्री मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा, “मेरे लिए कोई प्रशिक्षण योजना नहीं है?” यह टिप्पणी भले ही मजाक में की गई हो, लेकिन यह शासन के उच्चतम स्तर पर भी कौशल विकास और क्षमता निर्माण को लेकर उनकी गंभीरता को उजागर करती है।
‘मिशन कर्मयोगी’ को व्यक्तिगत रूप से दिया मार्गदर्शन
पूर्व अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित एक क्रांतिकारी पहल है। इसका लक्ष्य विभागीय बाधाओं को तोड़कर और सहयोग को बढ़ावा देकर सरकारी कर्मचारियों को राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तैयार करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से इस मिशन के कार्यान्वयन का मार्गदर्शन किया।
इस कार्यक्रम के तहत (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) प्लेटफॉर्म पर 3,200 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं, और अब तक 1.25 करोड़ से अधिक कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। ज़ैनुलभाई ने बताया कि सरकार की योजनाओं में प्रशिक्षण को एकीकृत करने की भी योजना है, ताकि ‘सेवा भाव’ को जमीनी स्तर तक पहुँचाया जा सके।
यह खुलासा इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल नीतियों का निर्माण करते हैं, बल्कि उनके प्रभावी कार्यान्वयन और निरंतर सुधार की प्रक्रिया में भी गहराई से शामिल रहते हैं। उनका स्वयं के प्रशिक्षण के प्रति रुझान देश के सभी सिविल सेवकों के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत है।




