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बच्चा चाहिए पर पत्नी की बेरुखी से डरा हुआ हूँ, एक पति का दर्द…

I want a child but am scared of my wife's indifference, a husband's pain...

Breaking Today, Digital Desk : यह कहानी एक ऐसे आदमी की है जो पिता बनने का सपना देख रहा है, लेकिन उसकी पत्नी के व्यवहार से वह काफी परेशान है। उसका मन दुविधाओं से घिरा हुआ है और वह यह तय नहीं कर पा रहा है कि इस स्थिति में उसे बच्चा पैदा करना चाहिए या नहीं।

उस आदमी का कहना है कि वह हमेशा से एक बड़ा परिवार चाहता था। उसके माता-पिता भी उससे बच्चे की उम्मीद कर रहे हैं और उसे पोते-पोतियों का दादा-दादी बनने का इंतजार है। लेकिन उसकी पत्नी इस मामले में बिल्कुल अलग सोच रखती है। वह न केवल खुद काम नहीं करती, बल्कि उसके माता-पिता से भी मिलने नहीं जाती। अब यह आदमी सोच रहा है कि अगर उसकी पत्नी का यही रवैया रहा तो क्या वह एक बच्चे को ठीक से पाल पाएगा?

उसकी पत्नी का कहना है कि उसे बच्चा पैदा करने में कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि वह खुद को संभालने में भी सक्षम नहीं है। यह सुनकर पति को बहुत धक्का लगा है। वह समझ नहीं पा रहा है कि ऐसा क्यों है। उसकी पत्नी न तो उसके माता-पिता से मिलने जाती है और न ही उनसे कोई संबंध रखना चाहती है। जब वे उससे मिलते हैं, तो वह बस एक कोने में बैठी रहती है और फोन पर व्यस्त रहती है। वह उनसे बात करने में कोई रुचि नहीं दिखाती।

यह आदमी अपनी पत्नी से प्यार करता है, लेकिन वह उसके इस व्यवहार से बहुत निराश है। वह अपनी पत्नी की निराशाजनक बातों को सुनकर और अपने माता-पिता के साथ उसके खराब व्यवहार को देखकर हैरान है। ऐसे में उसे डर है कि अगर वह बच्चा पैदा करेगा तो उसे अकेले ही बच्चे की परवरिश करनी पड़ सकती है, क्योंकि उसकी पत्नी शायद बच्चे की देखभाल में भी कोई दिलचस्पी न दिखाए। उसे डर है कि उसका बच्चा भी शायद अपनी माँ के प्यार और देखभाल से वंचित रह जाए।

उसे लगता है कि अगर उसकी पत्नी काम करने लगे तो शायद उसकी जिंदगी में कुछ बदलाव आए, लेकिन उसकी पत्नी कहती है कि उसे काम करने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे में यह आदमी फंसा हुआ महसूस कर रहा है। वह अपनी पत्नी को अपनी बात कैसे समझाए? क्या उसे ऐसे में बच्चा पैदा करना चाहिए जब उसकी पत्नी बिल्कुल तैयार नहीं है और परिवार से भी दूरी बनाए रखती है? यह एक बड़ा सवाल है जो उसके मन में चल रहा है।

उसे डर है कि अगर वह बच्चा पैदा करता है तो उसे अकेले ही बच्चे की जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। वह यह भी सोच रहा है कि अगर उसकी पत्नी बच्चों की परवरिश में शामिल नहीं होगी तो बच्चे पर क्या असर पड़ेगा? क्या एक बच्चे के आने से उनके रिश्ते में सुधार आएगा या चीजें और बिगड़ जाएंगी? यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ उसे सही रास्ता नहीं दिख रहा है।

वह जानता है कि पिता बनने का मतलब सिर्फ बच्चे को जन्म देना नहीं है, बल्कि उसकी परवरिश और उसे प्यार देना भी है। लेकिन अगर उसकी पत्नी इसमें साथ नहीं देगी तो क्या वह अकेला यह सब कर पाएगा? यह आदमी अब किसी समाधान की तलाश में है।

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