सिर्फ़ 10% स्क्रिप्ट थी तैयार, फिर भी कैसे बनी DDLJ, शाहरुख-काजोल का वो मैजिक…
Only 10% of the script was ready, yet how did DDLJ come to be, that magic of Shahrukh-Kajol...

Breaking Today, Digital Desk : आज भी जब ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ (DDLJ) फ़िल्म का नाम आता है, तो मन में एक अजीब सी ख़ुशी भर जाती है. शाहरुख खान और काजोल की केमिस्ट्री, स्विट्ज़रलैंड के ख़ूबसूरत नज़ारे और यश चोपड़ा का डायरेक्शन – सब कुछ इतना परफेक्ट था कि यह फ़िल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर हो गई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसे मज़ेदार पल भी थे, जो इसे और भी ख़ास बनाते हैं?
एक किस्सा है, जो यश चोपड़ा, शाहरुख खान और स्विट्ज़रलैंड से जुड़ा है. दरअसल, जब फ़िल्म की शूटिंग शुरू हुई थी, तब स्क्रिप्ट पूरी तरह तैयार नहीं थी. यानी यश चोपड़ा के पास सिर्फ़ 10% ही स्क्रिप्ट फाइनल थी! आमतौर पर इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए यह बात थोड़ी हैरान करने वाली होती है, लेकिन यश चोपड़ा का विज़न और कलाकारों पर उनका भरोसा कमाल का था.
स्विट्ज़रलैंड में शूटिंग के दौरान, यश जी ने शाहरुख खान को एक अजीब सी ‘आज़ादी’ दे दी थी. उन्होंने शाहरुख से कहा था, “शाहरुख, अभी मेरे पास पूरी स्क्रिप्ट नहीं है. तुम ऐसा करो, जब तक मैं तुम्हें बुलाऊँ नहीं, तब तक तुम यहाँ (स्विट्ज़रलैंड) घूमते रहो. जो मन आए वो करो, जो तुम्हारा दिल चाहे वो करो. बस एक बात याद रखना, तुम इस फ़िल्म में ‘राज’ हो.”
सोचिए, एक डायरेक्टर अपने हीरो को इतनी छूट दे रहा है! यह दिखाता है कि यश चोपड़ा अपने अभिनेताओं की क्षमताओं पर कितना विश्वास करते थे. उन्होंने शाहरुख को राज के किरदार को अपनी सहजता से जीने का मौका दिया. और शायद यही वजह है कि राज का किरदार इतना जीवंत और स्वाभाविक बन पाया. शाहरुख ने इस आज़ादी का पूरा फायदा उठाया और राज को एक ऐसा किरदार बना दिया जिसे आज भी लोग अपने दिल में बसाए हुए हैं.
अनिल कपूर ने एक बार कहा था कि यश जी की सबसे बड़ी खूबी यही थी कि वे माहौल को बहुत सहज रखते थे, जिससे कलाकार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते थे. ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ इसका एक जीता-जागता उदाहरण है. इस फ़िल्म ने न सिर्फ़ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि लोगों के दिलों में भी एक ख़ास जगह बनाई. यह आज भी हमें प्यार, परिवार और सपनों पर विश्वास करना सिखाती है. और शायद यही वजह है कि यह फ़िल्म ‘एवरग्रीन’ बनी हुई है.






