
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में एक खबर सामने आई है जिसने भारत और कनाडा के रिश्तों में चल रही तल्खी को और गहरा कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा ने खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत सरकार का हाथ होने का जो आरोप लगाया था, उसमें उसे ब्रिटिश जासूसी एजेंसी की मदद मिली थी।
यह मामला तब और गरमा गया जब कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के शामिल होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था और इन्हें “बेतुका” बताया था।
अब जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें कहा गया है कि कनाडा की खुफिया एजेंसियों को ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी ‘GCHQ’ (गवर्नमेंट कम्युनिकेशंस हेडक्वार्टर) से जानकारी मिली थी। बताया जा रहा है कि GCHQ ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए कुछ ऐसी जानकारियां जुटाई थीं, जिन्हें कनाडा ने अपने आरोपों का आधार बनाया।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या कनाडा के पास भारत के खिलाफ पर्याप्त ठोस सबूत थे, या फिर उसने ब्रिटिश एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी पर ही भरोसा कर लिया? यह भी सोचने वाली बात है कि एक ब्रिटिश एजेंसी की जानकारी इस संवेदनशील मामले में कितनी विश्वसनीय है।
भारत और कनाडा के बीच इस विवाद का असर दोनों देशों के संबंधों पर साफ दिख रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई जानकारी के बाद दोनों देशों के रिश्ते किस मोड़ पर जाते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।




