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मुंबई के बॉस का अजीबोगरीब प्लान, सैलरी रोकी ताकि स्टाफ खुशी से काम करे…

Mumbai boss's bizarre plan: Withholding salaries to keep staff happy...

Breaking Today, Digital Desk : आजकल सोशल मीडिया पर कुछ भी वायरल हो जाता है, खासकर जब बात किसी अजीबोगरीब ‘लाइफ हैक’ की हो। ऐसा ही कुछ मुंबई के एक उद्यमी के साथ हुआ। उन्होंने सोचा कि क्यों न कर्मचारियों की सैलरी थोड़ी देर से दी जाए, ताकि वे ज्यादा खुशी से काम करें और अपने काम की ‘कद्र’ करें। suena अजीब, है ना? खैर, उनका ये ‘नया तरीका’ सोशल मीडिया पर बुरी तरह पिट गया और उन्हें जबरदस्त आलोचना झेलनी पड़ी।

ये पूरा मामला लिंक्डइन पर शुरू हुआ। इस उद्यमी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कैसे उन्होंने एक महीने अपने कर्मचारियों को सैलरी देने में कुछ दिन की देरी की। उनका तर्क था कि इससे कर्मचारियों को अपनी सैलरी का महत्व समझ आएगा और वे उसे पाकर और ज्यादा खुश होंगे। उन्होंने ये भी दावा किया कि इससे उनकी टीम में एक “अहसास” आया और वे और भी ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करने लगे। मतलब, उनका मानना था कि सैलरी मिलने में देरी से लोगों को ‘खुशी’ का असली मतलब समझ आएगा!

लेकिन जैसा कि अक्सर होता है, इंटरनेट जनता को ये ‘मास्टरस्ट्रोक’ बिल्कुल पसंद नहीं आया। उनकी पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई, लेकिन अच्छे कारणों से नहीं। लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। कमेंट्स में लोगों ने कहा कि सैलरी रोकना कोई मोटिवेशन का तरीका नहीं, बल्कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है। कोई भी कर्मचारी सैलरी के लिए काम करता है, और उसे समय पर मिलना उसका हक है।

कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि ये कर्मचारियों का शोषण करने जैसा है। एक यूजर ने लिखा, “ये सबसे बेवकूफी भरा तर्क है जो मैंने आज तक सुना है। लोग अपने बिल भरने और परिवार चलाने के लिए काम करते हैं, खुशी के लिए नहीं।” दूसरे ने कहा, “अगली बार आप अपनी ईएमआई या किराया भरने में देरी करके देखिए, बैंक और मकान मालिक आपको कितनी ‘खुशी’ देते हैं!”

तो देखा आपने, कभी-कभी कुछ ‘स्मार्ट’ आइडियाज उल्टे पड़ जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कर्मचारियों का सम्मान करना और उन्हें समय पर उनका मेहनताना देना सबसे जरूरी है। सैलरी सिर्फ पैसे नहीं होती, वो एक कर्मचारी के भरोसे और आत्मसम्मान से जुड़ी होती है। उम्मीद है इस उद्यमी ने इस घटना से कुछ सीखा होगा।

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