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29 या 30 सितंबर, दुर्गा अष्टमी की सही तारीख पर सबसे बड़ा खुलासा…

September 29 or 30, the biggest revelation on the exact date of Durga Ashtami...

Breaking Today, Digital Desk : दुर्गा पूजा भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है, खासकर पश्चिम बंगाल में इसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार देवी दुर्गा और महिषासुर पर उनकी जीत का प्रतीक है। इस दौरान पंडाल सजाए जाते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं और लोग नए कपड़े पहनकर उत्सव मनाते हैं।

दुर्गा अष्टमी कब है?

2025 में दुर्गा अष्टमी की तारीख को लेकर कई लोग दुविधा में हैं कि यह 29 सितंबर को है या 30 सितंबर को। हिंदू पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 29 सितंबर 2025 को सुबह से शुरू होकर 30 सितंबर 2025 की सुबह तक रहेगी। इसलिए, कई जगहों पर अष्टमी की पूजा 29 सितंबर को की जाएगी, जबकि कुछ जगहों पर 30 सितंबर को। यह स्थानीय परंपराओं और पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

पूजा विधि

दुर्गा अष्टमी के दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और साफ कपड़े पहनते हैं। इसके बाद, मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है। पूजा में लाल फूल, चुनरी, धूप, दीप, अगरबत्ती, मिठाई और फल चढ़ाए जाते हैं। मंत्रों का जाप किया जाता है और आरती की जाती है। कई लोग इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं।

महत्व

दुर्गा अष्टमी का विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति मिलती है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें यह सिखाता है कि हमें हमेशा धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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