
Breaking Today, Digital Desk : लगता है क्रिकेट प्रेमियों की याददाश्त थोड़ी कमज़ोर होती है, या फिर भारत-पाकिस्तान मुकाबले का बुखार हर भावना पर भारी पड़ जाता है! अभी कुछ ही हफ़्ते पहले की बात है, सोशल मीडिया पर बहिष्कार (बायकॉट) और विरोध प्रदर्शनों का ज़ोर था। एशिया कप में पाकिस्तान के शामिल होने पर कई तरह की बातें हो रही थीं। लेकिन अब? माहौल पूरी तरह बदल चुका है।
एशिया कप का फाइनल करीब है, और अगर भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने-सामने होते हैं, तो नफरत या विरोध की सारी बातें हवा हो चुकी होंगी। टिकटें तो ऐसे बिक रही हैं जैसे गर्म समोसे हों – हाथों-हाथ! अब “बायकॉट पाकिस्तान” के नारे लगाने वाले भी शायद टिकटों की लाइन में लगे दिखेंगे।
ये क्रिकेट की दुनिया का अजीबोगरीब सच है। जब भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होता है, तो सब कुछ पीछे छूट जाता है। राजनीति, विवाद, यहां तक कि पिछले कुछ दिनों की कड़वाहट भी। मैदान पर होने वाली टक्कर और उस रोमांच का अनुभव करने की चाहत इतनी ज़्यादा होती है कि हर कोई उस पल का हिस्सा बनना चाहता है।
फाइनल में कौन खेलेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन अगर वो भारत बनाम पाकिस्तान होता है, तो समझ लीजिए, स्टेडियम खचाखच भरा होगा और टीवी पर करोड़ों आंखें टिकी होंगी। बहिष्कार की बातें अब कहीं दूर की आवाज़ लग रही हैं, और जिस चीज़ का इंतज़ार हर क्रिकेट फैन को है, वो है एक ज़बरदस्त मैच!






