
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राष्ट्र के गठन के विचार को साफ तौर पर नकार दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गाजा शांति प्लान एक बार फिर चर्चा में है। नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार किसी भी ऐसी योजना को स्वीकार नहीं करेगी जिसमें फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की बात हो।
नेतन्याहू के इस रुख से मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की कोशिशों को एक बड़ा झटका लग सकता है। ट्रंप के शांति प्रस्ताव में भी इस बात पर जोर दिया गया था कि इज़रायल और फिलिस्तीन के बीच दशकों पुराने इस विवाद का हल दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) से ही निकल सकता है। हालांकि, नेतन्याहू का मानना है कि इज़रायल की सुरक्षा के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं होगा।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि इज़रायल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में वे अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते। उनका यह भी कहना था कि अगर फिलिस्तीनी राष्ट्र का गठन होता है, तो इससे इज़रायल के लिए नए सुरक्षा खतरे पैदा हो सकते हैं।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी काफी चर्चा हो रही है। कई देशों ने इस पर अपनी चिंता जताई है, क्योंकि उनका मानना है कि इस तरह का सख्त रुख शांति वार्ता को और भी जटिल बना सकता है। अब देखना यह होगा कि नेतन्याहू के इस फैसले का मध्य पूर्व की राजनीति और भविष्य की शांति वार्ताओं पर क्या असर पड़ता है।




