नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाते हैं, इन बातों को जान लेंगे तो मिलेगा दोगुना फल…
During Navratri, we light the eternal flame. If you know these things, you will get double the benefits.

Breaking Today, Digital Desk : नवरात्रि आते ही पूरे देश में एक अलग ही माहौल बन जाता है। मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना हर घर में होती है। इन नौ दिनों में कई लोग अपने घरों में अखंड ज्योति जलाते हैं, जिसका बहुत खास महत्व माना जाता है। कहते हैं कि अखंड ज्योति जलाने से मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-शांति आती है। लेकिन क्या आपको पता है कि अखंड ज्योति जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, वरना इसके पूरे फायदे नहीं मिल पाते? आइए जानते हैं अखंड ज्योति से जुड़े कुछ जरूरी नियम और उसके अनमोल फायदे।
क्या होती है अखंड ज्योति और क्यों जलाते हैं इसे?
अखंड ज्योति का मतलब होता है एक ऐसी लौ जो बिना बुझे लगातार जलती रहे। नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक इसे जलाया जाता है। माना जाता है कि यह ज्योति हमारे संकल्प, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है। इसे जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता आती है। यह हमें याद दिलाती है कि हमारे जीवन में ज्ञान और प्रकाश हमेशा बना रहे।
अखंड ज्योति जलाने के अद्भुत फायदे:
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सकारात्मक ऊर्जा का संचार: जब आपके घर में अखंड ज्योति जलती है, तो उसकी रोशनी और गर्मी से एक दिव्य वातावरण बनता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा भर देती है, जिससे मन शांत रहता है और घर का माहौल खुशनुमा बना रहता है।
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मनोकामनाएं होती हैं पूरी: कहते हैं कि सच्चे मन से अखंड ज्योति जलाने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। यह आपके संकल्प को मजबूत करती है।
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नकारात्मक शक्तियों का नाश: अखंड ज्योति की रोशनी इतनी तेज होती है कि यह घर से सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों और बुरी ऊर्जा को दूर कर देती है। इससे घर में किसी भी तरह की बाधा नहीं आती।
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ग्रह दोषों से मुक्ति: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अखंड ज्योति जलाने से कुंडली में मौजूद कई तरह के ग्रह दोष शांत होते हैं। इससे जीवन की मुश्किलें कम होती हैं।
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ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक: अखंड ज्योति सिर्फ एक दीपक नहीं, बल्कि ज्ञान और आध्यात्मिक प्रकाश का प्रतीक है। यह हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का संदेश देती है।
अखंड ज्योति जलाते समय इन बातों का रखें खास ध्यान:
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दीपक का चुनाव: अखंड ज्योति के लिए मिट्टी या पीतल का दीपक सबसे अच्छा माना जाता है। यह सुनिश्चित करें कि दीपक बड़ा और गहरा हो ताकि इसमें पर्याप्त तेल या घी आ सके।
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शुद्धता का महत्व: अखंड ज्योति जलाने से पहले जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। नहा-धोकर साफ कपड़े पहनें और शुद्ध मन से ही ज्योति प्रज्वलित करें।
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सही दिशा: दीपक को हमेशा पूजा घर के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
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घी या तेल की निरंतरता: सबसे जरूरी बात यह है कि ज्योति बुझनी नहीं चाहिए। इसके लिए एक बड़े दीपक के साथ एक छोटा दीपक भी जलाकर रख सकते हैं। बड़े दीपक में लगातार घी या तेल डालते रहें। रुई की बत्ती को भी समय-समय पर बदलते रहें ताकि वह जलकर खत्म न हो जाए।
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हवा से बचाएं: अखंड ज्योति को ऐसी जगह पर रखें जहां सीधी हवा न लगे। आप उसे कांच के कवर से ढक सकते हैं या किसी सुरक्षित स्थान पर रख सकते हैं ताकि वह बुझे नहीं।
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पवित्रता बनाए रखें: अखंड ज्योति जलते समय आसपास गंदगी न होने दें। जूते-चप्पल लेकर उसके पास न जाएं।
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समापन विधि: नवरात्रि के आखिरी दिन जब ज्योति शांत हो जाए, तो उसके अवशेषों को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या फिर किसी पेड़ के नीचे रख दें।
अखंड ज्योति सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इसे पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ जलाने से निश्चित रूप से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। तो इस नवरात्रि, इन बातों का ध्यान रखें और अखंड ज्योति के पूरे लाभ उठाएं!






