
Breaking Today, Digital Desk : हम रोज़ाना अंतरिक्ष में कितनी बातें करते हैं? खास कर मंगल ग्रह से जुड़ी हुई। अब नासा के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी बात सामने रखी है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी: क्या ये परग्रही, जिन्हें हम एलियंस कहते हैं, हमारी इन बातचीत को सुन सकते हैं?
एक नए शोध के मुताबिक, ऐसा हो सकता है कि हमारे पड़ोसी ब्रह्मांड में मौजूद कोई और सभ्यता हमारी उन रेडियो तरंगों को पकड़ रही हो जो हम मंगल ग्रह से या मंगल ग्रह की ओर भेजते हैं। ये बहुत दिलचस्प बात है क्योंकि इसका मतलब ये हुआ कि हम अनजाने में ही अंतरिक्ष में अपनी मौजूदगी का सबूत दे रहे हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह हम पृथ्वी से दूर के ग्रहों पर जीवन की तलाश में सिग्नल भेजते हैं, वैसे ही कोई और सभ्यता भी हमारी इन गतिविधियों पर नज़र रख सकती है। पिछले कई सालों में हमने मंगल पर कई मिशन भेजे हैं, जैसे रोवर और ऑर्बिटर। ये सब लगातार पृथ्वी से संवाद करते रहते हैं, और इन संवादों से निकलने वाली तरंगें अंतरिक्ष में दूर तक जाती हैं।
अगर ऐसा सच में हो रहा है, तो ये ब्रह्मांड में अकेले न होने के हमारे पुराने सवाल का एक नया जवाब हो सकता है। क्या पता, दूर कहीं कोई हमारी इन ‘अंतरिक्ष वार्ताओं’ को डिकोड करने की कोशिश कर रहा हो!






