उत्तर प्रदेश सरकार का किसानों के लिए बड़ा फैसला, धान कुटाई रिकवरी में छूट…
Uttar Pradesh government's big decision for farmers, exemption in paddy threshing recovery...

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिससे धान किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने नॉन हाइब्रिड धान की कुटाई (मिलिंग) में रिकवरी दर पर मिलने वाली छूट को बढ़ा दिया है। इस कदम से उन किसानों को सीधा फायदा होगा जो अपनी धान की फसल को मिलों में कुटाई के लिए भेजते हैं।
क्या है यह नई छूट और इसका महत्व?
दरअसल, धान से चावल निकालने की प्रक्रिया में एक निश्चित मात्रा में चावल प्राप्त होता है, जिसे रिकवरी दर कहते हैं। पहले नॉन हाइब्रिड धान के लिए यह दर तय थी, लेकिन अब सरकार ने इसमें छूट दी है। इसका मतलब है कि यदि मिल मालिक को तय दर से कम चावल प्राप्त होता है, तो उन्हें अब उसकी भरपाई नहीं करनी होगी, जिससे उन पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा। इस छूट का फायदा मिल मालिकों के साथ-साथ परोक्ष रूप से किसानों को भी मिलेगा, क्योंकि मिल मालिकों को प्रोत्साहन मिलेगा और वे अधिक धान खरीद के लिए प्रेरित होंगे।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस छूट से धान खरीद प्रक्रिया में तेज़ी आने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलने की उम्मीद है।
किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
सरकार के इस कदम से प्रदेश के लाखों धान किसानों के चेहरे पर ख़ुशी लौट आई है। किसानों का कहना है कि यह एक स्वागत योग्य कदम है, जिससे उन्हें अपनी फसल बेचने में आसानी होगी और किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सकेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करते हैं और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होते हैं।
योगी सरकार लगातार किसानों के कल्याण के लिए प्रयासरत है और यह फैसला इसी दिशा में उठाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इससे धान किसानों की आर्थिक स्थिति में और सुधार होगा।






