हैवानियत : रेमडीसीविर नाम पर बेंच रहे थे नकली इंजेक्शन मरीजो को !


झाँसी नकली रेमडीसीविर इंजेक्शन खुलासा…
पूरे देश में जहाँ एक ओर कोरोना से बचाव में उपयोग होने वाले रेमडीसीविर इंजेक्शन की भारी कमी नजर आ रही है, वहीं कुछ लालची लोग इस मौके का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। झांसी पुलिस ने ऐसे ही एक रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इस गोरखधंधे में लिप्त मेडिकल स्टोर संचालक व नर्सिंग होम में काम करने वाले आधा दर्जन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो असली व 6 नकली रेमडीसीविर इंजेक्शन , एंटीजेन किट व 2लाख तीस हजार रुपए बरामद किए गए हैं।
झाँसी एसएसपी रोहन पी कनय के निर्देशन व एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी व सीओ सिटी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एसओजी टीम सहित अन्य थाना पुलिस को रेमडीसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों की तलाश में लगाया गया था। इसी बीच खबर मिली कि मेडिकल कालेज क्षेत्र से यह काम संचालित हो रहा है। जिसमें कुछ लोग रेमडीसीविर नकली इंजेक्शन बनाकर मरीजों को तीस से 40 हजार रुपये में बेच रहे हैं। नवाबाद व एसओजी टीम ने जाल बिछाकर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो बड़ा रैकेट पकड़ में आ गया।
पकड़े गए स्टाफ नर्स ने पुलिस को बताया जब किसी गम्भीर मरीज के लिए इंजेक्शन आता था तो वह उसे इंजेक्शन नहीं लगाते थे और उसकी मौत का इंतजार करते थे। बाद में उस इंजेक्शन को वह दूसरे मरीज को ऊँचे दामों में बेचकर मुनाफा कमाते थे। इसी प्रकार एक मेडिकल स्टोर पर रेमडीसीविर की खाली शीशियों में दूसरी दवा भरकर रेमडीसीविर के नाम पर बेचते थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
1- विशाल बिरथरे तनिष्का मेडिकल स्टोर
2 -मनीष पाल गुमनावारा स्टाफ नर्स मेडिकल कालेज
3 -जमना प्रसाद कृष्णानगर स्टाफ नर्स मेडिकल कालेज
4 -हिमांशु समाधिया जैनया नर्सिंग होम
5- हरेंद्र पटेल मानस हॉस्पिटल सुपरवाइज़र
6- मानवेन्द्र पटेल मानस हॉस्पिटल कंपाउंडर
7- सचिन्द्र प्रजापति सन्मति हॉस्पिटल कंपाउंडर जगत पाल नाम का कम्पाउंडर






