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नवरात्रि का दूसरा दिन, माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं मनचाहा वरदान…

On the second day of Navratri, worship Goddess Brahmacharini to get the blessings you desire.

Breaking Today, Digital Desk : नवरात्रि का दूसरा दिन माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। ये तप, संयम और वैराग्य की देवी मानी जाती हैं। अगर आप भी माँ का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो दूसरे दिन विधि-विधान से इनकी पूजा कर सकते हैं।

माँ ब्रह्मचारिणी का स्वरूप:

माँ ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में कमंडल और दूसरे हाथ में जपमाला होती है। ये श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। इनका स्वरूप बहुत ही शांत और मन को मोह लेने वाला है।

पूजा विधि:

नवरात्रि के दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें। माँ ब्रह्मचारिणी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें फूल, अक्षत, रोली, चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। माँ को मिश्री और फल का भोग लगाएं। इसके बाद माँ के मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें।

मंत्र:

या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

आरती:

(यहाँ आप माँ ब्रह्मचारिणी की आरती के बोल लिख सकते हैं, जो आमतौर पर गाई जाती है। जैसे: जय माँ ब्रह्मचारिणी देवी…)

महत्व:

माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति को तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की प्राप्ति होती है। वे अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं और उन्हें सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।

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