
Breaking Today, Digital Desk : लोकतंत्र के मंदिर, लोकसभा में मंगलवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने संसदीय मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध इस कदर बढ़ा कि कुछ सांसद अध्यक्ष के आसन (चेयर) की ओर कागज के टुकड़े फेंकने लगे। इस अभूतपूर्व हंगामे के बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आचरण पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे “ओछी हरकत” और “सदन का अपमान” करार दिया।
मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही कई स्थगनों के बाद जब शाम 4.30 बजे फिर से शुरू हुई, तो माहौल पहले से ही गरमाया हुआ था। विपक्षी सांसद बिहार में मतदाता सूची में संशोधन को लेकर नारेबाज़ी कर रहे थे। देखते ही देखते विरोध तीव्र हो गया और आसन पर बैठे भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल की ओर कागज के टुकड़े उछाले गए।
इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, “आज हम सबने विपक्ष के आचरण को देखा… उन्होंने आसन की ओर कागज फेंके और ओछी नारेबाजी की। हमने भी विपक्ष में रहकर काम किया है, लेकिन ऐसा व्यवहार कभी नहीं देखा।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कृत्यों से सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है और देश की जनता ऐसे आचरण के लिए उन्हें माफ नहीं करेगी। रिजिजू ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे चर्चा में भाग लें, न कि सदन की कार्यवाही को इस तरह बाधित करें।
आसन पर मौजूद जगदम्बिका पाल ने इस घटना के पीछे कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि गोगोई ने ही सांसदों को कागज फाड़ने और फेंकने के लिए उकसाया था, जो एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। इस पूरे हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा।






