
Breaking Today, Digital Desk : ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को सैन्य तख्तापलट के प्रयास के आरोप में 27 साल कैद की सजा सुनाई गई है। बोल्सोनारो पर 2022 के चुनावों में अपनी हार के बाद सत्ता पर बने रहने के लिए सेना को उकसाने का आरोप था। इस फैसले से ब्राजील की राजनीति में भूचाल आ गया है, और देश दो धड़ों में बंट गया है।
क्या हुआ था?
2022 के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से हारने के बाद बोल्सोनारो ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उनके समर्थकों ने राजधानी में हिंसक विरोध प्रदर्शन किए और सरकारी इमारतों पर धावा बोल दिया था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि बोल्सोनारो ने इन घटनाओं को बढ़ावा दिया और सेना को हस्तक्षेप करने के लिए उकसाया ताकि उन्हें सत्ता में बने रहने में मदद मिल सके।
बोल्सोनारो का बचाव
बोल्सोनारो ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वे केवल अपने समर्थकों की चिंताओं को आवाज दे रहे थे और उन्होंने कभी भी असंवैधानिक कार्य का समर्थन नहीं किया। उनके वकीलों ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और यह फैसला राजनीति से प्रेरित है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। ट्रंप ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया और कहा कि यह “न्याय का उपहास” है। ट्रंप और बोल्सोनारो के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं, और दोनों नेताओं की अक्सर तुलना की जाती है क्योंकि वे दोनों लोकलुभावनवादी नेता हैं जिन्होंने अपने देशों में मजबूत राष्ट्रवादी भावनाएं भड़काई हैं।
आगे क्या?
बोल्सोनारो के वकीलों ने अपील करने की घोषणा की है। यह मामला ब्राजील की राजनीति में एक लंबा और जटिल अध्याय बनने वाला है। इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे और यह ब्राजील के लोकतांत्रिक संस्थानों की ताकत की परीक्षा लेगा।




